मस्तूरी के किसानों पर जल संकट की मार, सिंचाई जल की मांग तेज

खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़ने की गुहार, किसानों की फसलें संकट में
बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के किसानों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। भूजल स्तर गिरने और सिंचाई के लिए पानी की अनुपलब्धता के कारण फसलें सूखने की कगार पर हैं। टेल एरिया के किसानों की स्थिति और भी दयनीय हो गई है। इसी को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य के पति और उनके साथियों ने कलेक्टर को पत्र लिखकर खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़ने की मांग की है।
कलेक्टर से मिलकर पानी की मांग की है।
ग्रामीण बोले कि पानी नहीं मिलेगा तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जायेगा और किसान संकट में आ जाएंगे।
किसानों की इस समस्या को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 11 ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़े जाने की अपील की है ताकि किसानों की फसलें बचाई जा सकें। यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
मस्तूरी के किसान पानी की कमी से हुए परेशान,लगातार गिर रहा जल स्तर
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सूर्या का कहना है कि
मस्तूरी क्षेत्र में पानी की किल्लत से किसान बेहाल हैं। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। जिससे नलकूप और अन्य जलस्रोत सूखने की कगार पर हैं। सिंचाई जल न मिलने के कारण फसलें नष्ट होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। खासकर टेल एरिया के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिनकी मेहनत बर्बाद होने के कगार पर है…
किसान बोले,गर्मी में हमेशा होता है जल संकट
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने बताया कि गर्मी का मौसम आते ही जल सकंट शुरू हो जाता है।जिसके कारण पीने के पानी तक के लिए समस्या होती है। जिसके कारण किसानों को पानी के लिए जूझना पड़ता है।अगर यही हाल रहेगा तो आने वाले दिनों में किसानों के न सिर्फ फसल बर्बाद होंगे बल्कि खुद किसान भी पीने के पानी के लिए तरस जाएंगे।
पानी के संकट से जूझ रहे इन गांव से पहुंचे किसान
कलेक्टर के पास पहुंचे पानी की मांग को लेकर ग्राम रखिया,सीपत, राक, पंधी,हरदादीह,नवागढ़,मुड़पार, गतौरा,किसान परसदा,एरमसाही, जयरामनगर,देवरी के लोग शामिल रहे जिन्होंने जल संकट को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीण बोले,20 फिट का पाइप एक्स्ट्रा डाला जा रहा
ग्रामीणों ने बताया कि पहले की अपेक्षा इस साल पानी का संकट अभी से शुरू हो गया है।और इसलिए 20= 20 फिट का पाइप एक्स्ट्रा डाला जा रहा है।ऐसे कई गांव है जहां पर पानी के लिए ज्यादा किल्लत होने लगी है।
बोर का पानी नीचे चला गया है और हैंडपंप में भी पाइप डालने की जरूरत पड़ने लगी है।