महिला ने अपने 25 दिन के मासूम को मातृ छाया में छोड़ा
गंभीर बीमारी से पीड़ित मासूम का इलाज के दौरान मौत
बिलासपुर । इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला ने अपनी 25 दिन की मासूम बच्ची को मातृ छाया संस्था के झूले में छोड़ दिया। बच्ची जन्म से ही गंभीर बीमारी स्पाइना बिफिडा से जूझ रही थी, जिसमें रीढ़ की हड्डी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाती। संस्था के स्टाफ ने बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उसे झूले से उठाया और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच में बताया कि बच्ची मेनिंगोमाईलोसिस जैसी जटिल बीमारी से पीड़ित थी। इलाज के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी बेहद जटिल होती है और जन्म से ही बच्चे को गंभीर परेशानी में डाल देती है। ऐसे मामलों में इलाज कठिन और लंबा होता है, लेकिन इस बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी। बच्ची की मौत के बाद भी मातृ छाया संस्था ने मानवता का फर्ज निभाया। संस्था ने बच्ची के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई और उसे सम्मानजनक विदाई दी। हालांकि, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण संस्था को एक दिन तक इंतजार करना पड़ा। इस घटना ने जहां बच्ची को छोड़ने वाली मां की मजबूरी और संवेदनहीनता पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं मातृ छाया संस्था की संवेदनशील पहल ने एक बार फिर समाज में इंसानियत की मिसाल पेश की है।