मितानिन यूनियन ने स्वास्थ्य मंत्री के नाम सौंपा मांग पत्र
सम्मानजनक मानदेय सहित कई मांगें रखीं
बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ मितानिन यूनियन ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा है। यूनियन ने मितानिन कार्यकर्ताओं की दशकों की सेवाओं का हवाला देते हुए उन्हें सम्मानजनक मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की पुरजोर मांग की है। यूनियन ने कहा कि मितानिनें राज्य में 2003 से ही स्वास्थ्य सेवा, मातृ-शिशु देखरेख और महामारी नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगी हैं। कोविड महामारी के दौरान भी मितानिनों ने फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका निभाई। बावजूद इसके उन्हें अभी तक न्यूनतम मानदेय नहीं मिल रहा है और प्रेरणा राशि के रूप में बेहद कम भुगतान किया जा रहा है।ज्ञापन में प्रमुख मांगों में प्रति माह ₹10,000 मानदेय, बकाया प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान, 100% राज्यांश राशि का भुगतान, सेवानिवृत्त मितानिनों को ₹5 लाख की राशि, पेंशन योजना, भविष्य निधि और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही सरकार से मांग की गई है कि मितानिनों को शासकीय स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उनकी सेवाओं को स्थायी किया जाए। इसके अलावा यूनियन ने प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार, कार्य छोड़ने वाले मितानिनों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने, आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को ₹10 लाख देने और ऑनलाइन कार्य के लिए स्मार्टफोन भत्ता जैसे कई बिंदुओं पर ध्यान देने की बात रखी है। यूनियन ने मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए चेताया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।