मिशन अस्पताल की जगह बनेगा 500 सीटों वाला नालंदा परिसर

नगर निगम बजट में हुआ प्रावधान
जहाँ कभी इलाज होता था, अब होगी पढ़ाई
बिलासपुर। हाल ही में तोड़े गए ऐतिहासिक मिशन अस्पताल परिसर की जगह अब नया शैक्षणिक अध्याय शुरू होने जा रहा है। नगर निगम ने अपने ताज़ा बजट में इस स्थल पर 500 सीटों वाले नालंदा परिसर के निर्माण का प्रस्ताव पास किया है। इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय छात्रों को बेहतर उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।
मिशन अस्पताल परिसर वर्षों से चिकित्सा सेवाओं का केंद्र रहा है लेकिन अब इसकी जगह आधुनिक शैक्षणिक संरचना तैयार की जाएगी। नालंदा परिसर के निर्माण से न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय विकास को भी गति मिलेगी। इस परियोजना के माध्यम से शहर को एक नया शैक्षणिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है।महापौर पूजा विधानी ने बताया कि , मिशन अस्पताल में नालंदा एजुकेशन हब बनाया जाएगा। इसका नगर निगम बजट में प्रावधान कर दिया गया है और इसका जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र के मिल का पत्थर साबित हो सकता है। जो की आने वाली वीडियो के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ विकास में गति मिलेगी।

मिशन अस्पताल में नालंदा एजुकेशन हब बनने से होगा छात्रों को लाभ
महापौर पूजा विधानी का कहना है कि नालंदा परिसर बनने से बाहर जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।यह एक अत्याधुनिक नालंदा परिसर बनेगा जो अपने आप में एक ब्रांड है जो किसी परिचय का भी मोहताज नहीं है।इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और न सिर्फ बिलासपुर बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगो को भी इसका लाभ मिलेगा।
कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त पहले कर चुके है निरीक्षण
नालंदा परिसर बनने के लिए कलेक्टर और आयुक्त ने मिशन अस्पताल के तोड़फोड़ के दौरान कई बार निरीक्षण कर चुके है। जिन्होने एजुकेशन हब बनाने के लिए भी सहमति जताई है।इससे छात्रों को काफी सुविधा मिलेगी और बाहर जाने वाले छात्रों को बाहर जाने की ज्यादा जरूरत नहीं होगी।
शिक्षा के लिए दी जाएगी सुविधा
नालंदा परिसर में शिक्षा कें क्षेत्र में कई सब्जेक्ट की पढ़ाई और सुविधाए दी जाएगी।इससे छात्रों को को खर्च बाहर जाकर करना पड़ता है उससे आधे से भी कम कीमत में यहां पढ़ाई हो सकती है।हॉस्टल और बाहर जाकर रहने खर्च से भी मुक्ति मिलेगी।