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शैक्षणिक भ्रमण: हैदराबाद में कृषि छात्रों ने किया भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान एवं मोटा अनाज अनुसंधान संस्थान का अध्ययन भ्रमण

बिलासपुर/हैदराबाद।बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर तथा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, लोरमी-मुंगेली के बी.एससी. (कृषि) तृतीय वर्ष के 45 छात्र-छात्राओं का एक संयुक्त दल पाठ्यक्रम AHPD-5321 के अंतर्गत एक सप्ताह के शैक्षणिक भ्रमण पर हैदराबाद पहुँचा। यह भ्रमण छात्रों के व्यावसायिक दृष्टिकोण को विकसित करने तथा अनुसंधान एवं औद्योगिक संस्थानों की कार्यप्रणाली को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

छात्रों के इस दल का नेतृत्व महाविद्यालय के तीन वैज्ञानिक—डॉ. दिनेश पांडे, डॉ. (श्रीमती) पुष्पलता तिर्की एवं डॉ. अवनीत कुमार द्वारा किया जा रहा है। इन मार्गदर्शकों के संरक्षण में छात्रों ने भ्रमण के प्रथम दिन देश के दो प्रतिष्ठित कृषि अनुसंधान संस्थानों का अवलोकन किया।

भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान (IIRR), हैदराबाद का दौरा:

भ्रमण के प्रथम पड़ाव पर विद्यार्थियों ने भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Rice Research – IIRR), राजेंद्र नगर, हैदराबाद का दौरा किया। वहाँ उन्हें संस्थान की प्रमुख वैज्ञानिक (कृषि विस्तार) डॉ. अमतुल वारिस द्वारा संस्थान की कार्यप्रणाली, अनुसंधान गतिविधियों एवं नवाचारों के विषय में एक विस्तृत व्याख्यान प्रदान किया गया।

डॉ. वारिस ने चावल की खेती की वर्तमान चुनौतियाँ, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, रोग एवं कीट प्रबंधन, चावल की उन्नत किस्मों (जैसे DRR Dhan श्रृंखला), और जैविक खेती के उन्नत प्रयोगों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे IIRR किसानों को प्रशिक्षण देकर वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने हेतु प्रेरित कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने संस्थान द्वारा महिला किसानों को सशक्त बनाने, ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित उद्यमों की ओर प्रोत्साहित करने, और किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया।

छात्रों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भाग लिया और वैज्ञानिकों से शोध, तकनीकी प्रशिक्षण, व राष्ट्रीय कृषि नीतियों पर प्रश्न पूछे। यह सत्र छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।

मोटा अनाज अनुसंधान संस्थान (IIMR) का शैक्षणिक अवलोकन:

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने भारतीय मोटा अनाज अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Millets Research – IIMR) का भ्रमण किया, जो कि बाजरा, ज्वार, रागी जैसे पोषक अनाजों के अनुसंधान में अग्रणी है। छात्रों को संस्थान के वैज्ञानिकों ने मोटे अनाजों की पोषणात्मक गुणवत्ता, जलवायु सहनशीलता, प्रसंस्करण तकनीक, तथा बाज़ारिकरण की रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर छात्रों ने मोटे अनाज से निर्मित विभिन्न उत्पादों जैसे मल्टीग्रेन आटा, स्नैक्स, रेडी-टू-कुक उत्पादों आदि का भी अवलोकन किया। यह भ्रमण छात्रों को मोटे अनाजों की वाणिज्यिक संभावनाओं और सतत पोषण सुरक्षा के संदर्भ में जागरूक करने हेतु अत्यंत उपयुक्त रहा।

सांस्कृतिक अवलोकन: चारमीनार

शैक्षणिक गतिविधियों के उपरांत छात्रों ने हैदराबाद की ऐतिहासिक धरोहर चारमीनार का भी अवलोकन किया। यह यात्रा छात्रों के लिए न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से उपयोगी रही, बल्कि उन्हें भारतीय सांस्कृतिक विरासत को निकट से अनुभव करने का भी अवसर मिला।

इस शैक्षणिक भ्रमण ने छात्रों को कृषि अनुसंधान संस्थानों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराया और उन्हें वर्तमान कृषि अनुसंधान, तकनीकी नवाचारों, और ग्रामीण विकास में विज्ञान की भूमिका को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान किया। इससे निश्चित ही उनके व्यावसायिक कौशल में वृद्धि होगी तथा वे भविष्य में कृषि के क्षेत्र में नवाचार एवं नेतृत्व की दिशा में अग्रसर होंगे।

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