मुसलमान भाइयों ने हिंदू युवक का पूरे रीति–रिवाज से किया अंतिम संस्कार

अरपा नदी किनारे भाईचारे और इंसानियत की मिसाल बनी अंतिम विदाई
बिलासपुर ।रेलवे स्टेशन के पास सुलभ क्षेत्र में काम करने वाले युवक देव मरावी के निधन के बाद समाज को झकझोर देने वाली, लेकिन उम्मीद जगाने वाली तस्वीर सामने आई। देव मरावी, शाहरुख अली और अमान अली की दुकान में कार्यरत थे।उनके निधन के बाद जब कोई पारिवारिक सदस्य मौजूद नहीं था, तब उनके साथ काम करने वाले मुस्लिम साथियों ने ही उन्हें भाई मानकर अंतिम विदाई देने का फैसला किया।
इस पूरी मानवीय पहल का नेतृत्व ई-रिक्शा चालक संघ के उपाध्यक्ष इमरान अली ने किया। उन्होंने सभी मुस्लिम युवकों को एकजुट किया और यह सुनिश्चित किया कि देव मरावी का अंतिम संस्कार उनके धर्म हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हो।आरपा नदी तट पर विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें शाहरुख अली, अमन अली, मोहम्मद बानी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
यह घटना बताती है कि दुख की घड़ी में धर्म की दीवारें अपने आप गिर जाती हैं और इंसानियत सबसे ऊपर होती है। इमरान अली के नेतृत्व में मुस्लिम युवकों द्वारा हिंदू भाई का अंतिम संस्कार न केवल एक मार्मिक दृश्य था, बल्कि समाज के लिए आपसी भाईचारे, सौहार्द और मानवता का मजबूत संदेश भी बन गया।