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यूनिवर्सिटी के तालाब में डूब कर छात्र की मौत, लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद दबाव में आई पुलिस ने किया एफआईआर दर्ज

बिलासपुर ।प्रदेश के एकमात्र सेंट्रल यूनिवर्सिटी गुरु घसीदास विश्वविद्यालय में हॉस्टल में रहने वाले छात्र की यूनिवर्सिटी कैंपस के तालाब में डूब कर मौत के मामले में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दबाव में आई पुलिस ने घटना के 28वें दिन जांच में छात्र सुरक्षा उत्तरदायित्व की उपेक्षा और लापरवाही पाए जाने का हवाला दे यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के तालाब में 23 अक्टूबर को यहां पढ़ने वाले छात्र की डूबकर मौत हो गई थी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन की लापरवाही पर कार्यवाही करने के लिए भाजपा और कांग्रेस की छात्र इकाई के अलावा विद्यार्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। लगातार यूनिवर्सिटी का घेराव और विरोध को देखते हुए पुलिस ने छात्र की मौत के 28वें दिन एफआईआर कायम की है। छात्र अर्सलान अंसारी की मौत के मामले में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के चलते एफआईआर दर्ज किया गया है।

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के तालाब में 23 अक्टूबर को छात्र अर्सलान अंसारी की लाश मिली थी। वह बीएससी फिजिक्स थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। बिहार के छपरा जिले के कादीपुर गांव का रहने वाला था। कैंपस के भीतर स्थित विवेकानंद हॉस्टल से छात्र अर्सलान अंसारी 21 अक्टूबर से लापता था। 23 अक्टूबर को कैंपस के तालाब में संदिग्ध लाश मिली। 25 अक्टूबर को अर्सलान के पिता अर्शद अयूब बिहार से बिलासपुर पहुंचे और कपड़ों के आधार पर बेटे की पहचान की। उन्होंने अपने बेटे की मौत के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया और कोनी थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है।

छात्र संगठनों के विरोध के बाद पांच वार्डन हटाए गए:–

छात्र अर्सलान अंसारी की मौत के बाद छात्र संगठन एबीवीपी और एनएसयूआई ने प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर केयर टेकर समेत पांच वार्डन को हटाया गया है। लेकिन प्रबंधन द्वारा बनाई गई जांच समिति ने अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौपी है। छात्र संगठन ने इस मामले को बढ़ाने का आरोप लगाते हुए एसएसपी रजनेश सिंह को ज्ञापन देते हुए जांच तेज करने की मांग की थी।

लगातार किया जा रहा था विरोध प्रदर्शन:–

वहीं छात्र अर्सनाल अंसारी की मौत के बाद विश्वविद्यालय में लगातार छात्र संगठनों और राजनैतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। सबसे पहले कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी समेत अन्य ने सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन कर कार्यवाही की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सड़क जाम एवं प्रदर्शन पर एफआईआर भी किया था। बावजूद इसके प्रदर्शन नहीं थमा। दूसरे चरण में एनएसयूआई ने यूनिवर्सिटी का घेराव कर धरना देते हुए एफआईआर की मांग की थी।

भाजपा की भी छात्र इकाई एबीवीपी ने विश्वविद्यालय में छात्र की मौत के मामले में प्रदर्शन कर धरना दिया था और एफआईआर के लिए ज्ञापन सौंपा था। सोमवार 17 नवंबर को कांग्रेस, युवक कांग्रेस और एनएसयूआई ने उग्र प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। घेराव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल और शहर के थानेदारों को लगाया गया था। लगातार विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दबाव में आई पुलिस ने छात्र के शव मिलने के 28वें दिन जांच में छात्र सुरक्षा उत्तरदायित्व की उपेक्षा व लापरवाही पाए जाने का हवाला दे एफआईआर कायम कर लिया है।

सीएसपी ने बताया:–

मामले में कोतवाली सीएसपी आईपीएस गगन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि
“वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय मे पढ़ने वाले छात्र मृतक अर्सलान अंसारी की मृत्यु की गंभीरता से त्वरित जांच करने हेतु निर्देशित किया गया। 23 अक्टूबर को मृतक छात्र अर्सलान अंसारी निवासी कादिरपुर बिहार का शव गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय सरस्वती मंदिर रोड बांधा तालाब में तैरता हुआ मिला जिसकी सूचना पर मर्ग कायम कर हर पहलुओं में जांच की गई मर्ग जांच में घटनास्थल निरीक्षण,पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के कथनों ,सभी परीक्षण रिपोर्ट में पाया गया कि गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थित फिसलन युक्त गहरे तालाब बांधा में वर्जित क्षेत्र पटल, सुरक्षा बाडा नहीं लगाने एवं छात्र सुरक्षा के उत्तरदायित्व को निर्वहन नहीं किया गया सुरक्षा अधिकारी,वार्डन, एवं अन्य के द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति उपेक्षा एवं लापरवाही करने से मृतक की मृत्यु होना संज्ञेय अपराध का घटित होना पाए जाने से सुरक्षा अधिकारी, वार्डन, एवं अन्य के विरुद्ध थाना कोनी के द्वारा धारा 106(1), 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

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