रतनपुर में 10 कछुओं की सिलसिलेवार मौत….लगातार कछुओ की मौत से धार्मिक नगरी में फैला आक्रोश

बिलासपुर। रतनपुर में कछुओं की रहस्यमयी मौत से सनसनी फैल गई है। बूढ़ा महादेव मंदिर तालाब में आठ कछुए मृत मिले हैं। पोस्टमार्टम में अंदरुनी चोट के निशान मिले हैं, जिससे लाठी से पीट-पीटकर मारने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले मां महामाया मंदिर कुंड में भी दो कछुए मृत मिले थे। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल धार्मिक नगरी रतनपुर में छह दिन के भीतर कछुओं की मौत की यह दूसरी घटना है। बुधवार सुबह बूढ़ा महादेव मंदिर के पास स्थित तालाब में एक साथ आठ कछुओं की लाश तैरती मिली। ग्रामीणों की सूचना पर वन अमला मौके पर पहुंचा और सभी शवों को बाहर निकाला।इससे पहले शुक्रवार को मां महामाया मंदिर परिसर के कुंड में दो कछुए मृत मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि किसी भारी वस्तु या लाठी से वार किए जाने के कारण हुई है। सभी कछुओं के शरीर पर एक जैसे चोट के निशान पाए गए हैं।वन विभाग ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। मृत कछुओं की उम्र महज चार से पांच महीने बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार ये अनुसूची-एक के संरक्षित वन्यजीव हैं, जिनकी हत्या गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
शिकार या हत्या की साजिश हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि शिकार या सुनियोजित हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।इसके लिए बारीकी से जांच करके दोषियों की खोजबीन की जाएगी।
ताकि कछुओं के साथ अन्याय करने वाला बिल्कुल बच न सके।
इसके लिए आसपास के लोगो को भी सूचित करके सतर्क रहने निर्देशित किया गया हैं
सीसीटीवी फुटेज से जांच जारी,संदेहियों से पूछताछ
वन विभाग और
पुलिस का कहना है कि कछुओ की मौत से रतनपुर धार्मिक नगरी में लोगों के दोषियों को पकड़ने और कार्रवाई करने की मांग की है इसके लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और संदेहियों की धड़पकड़ के अलावा अन्य लोगो से बातचीत करके खोजबीन की जा रही है। लेकिन अब तक किसी तरह का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
पहले भी हो चुकी है कछुओ की मौत की घटना
सूत्र बता रहे है कि यह पहली घटना नहीं है बल्कि रतनपुर जैसे धार्मिक नगरी में इसके पहले भी दो बार घटनाएं हो चुकी है।पहली घटना मे लगभग 30 कछुओ की मौत हुई थी। जिसकी जांच की गई लेकिन जांच में कुछ नहीं निकला बल्कि मामला दब गया और ठंडे बस्ते में चला गया।इसी तरह दो दिन पहले दूसरी घटना में 4 कछुआ की मौत हो गई थी।और अब 8 कछुओं की मौत पर गंभीर सवाल पैदा हो रहा है।