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रमजान के साथ अब ईद की तैयारी,बाजारों में रंग-बिरंगी सेवइयों की रौनक

बिलासपुर।रमजान के 19वें रोजे के पूरा होने के साथ ही मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े पर्व, ईद की तैयारी जोरों पर है। चाँद की तस्दीक के साथ 20 या फिर 21 मार्च को देशभर में ईद मनाई जाएगी और इसके मद्देनजर बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। सेवइयों के खुशबू से बाजार महक रहे हैं, और व्यापारियों को इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है।

दरअसल रमजान के पवित्र महीने की 27वीं तारीख पूरी हो चुकी है और इस महीने भर की इबादत, उपवास, और प्रार्थना के बाद अब मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े पर्व, ईद की तैयारियां शुरू हो गई हैं।20 या फिर 21 मार्च को चाँद की तस्दीक होते ही देशभर में ईद की खुशियाँ मनाई जाएंगी। रमजान के इस माह में जहां मुसलमानों ने दिनभर उपवासी रहकर रातों को तरावीह पढ़ी और अल्लाह से दुआ की, वहीं अब यह पर्व उमंग और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।ईद के मुख्य व्यंजन सेवई का बाजार सज चुका है। सेवई के खुशबू से बाजार महक रहे हैं और व्यापारी इस साल अच्छे कारोबार की उम्मीद लगाए हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर के प्रमुख बाजारों जैसे गोलबाजार, सदरबाजार और तालापारा में ईद की तैयारियों के चलते भीड़-भाड़ बढ़ गई है। सेवई, फेनी और सूद फेनी के दाम इस बार पिछले साल के मुकाबले 20 से 40 रुपये बढ़े हुए हैं।भुनी हुई सेवाई 80 से 120 रुपये वहीं लच्छे दूध फेनी 160 से 200 रुपये किलो के भाव बाजारों में बिक रहे हैं।चौक-चौराहों पर सजाई गई रंग-बिरंगी सेवईंयां लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।इस बार हैदराबादी, लखनवी, कानपुरी, अहमदाबादी, रायपुरी सेवई के साथ दूधफेनी और मावा फेनी की भी मांग काफी बढ़ी है।इसके अलावा, सेवई को आकर्षक रंगों जैसे केसरी, हरी, गुलाबी, और ऑरेंज में भी सजाया जा रहा है। इसके साथ-साथ, बादाम, काजू, किसमिस, छुहारा, नारियल गोला और चिरौंजी जैसे ड्राय फ्रूट्स की भी जमकर खरीदारी हो रही है।ईद के पर्व को लेकर बाजार में रंग-बिरंगे परिधान, टोपियों, और नए वस्त्रों की भी जबरदस्त खरीदारी हो रही है। लोग अपने परिवार के लिए नए कपड़े खरीदने में व्यस्त हैं, जिससे बाजार देर रात तक चहल-पहल से भरा रहता है। इसके अलावा, बाजारों में मिठाई, फलों और अन्य पारंपरिक वस्तुओं की भी भरमार है, जो ईद के जश्न को और भी खास बना देती हैं। रमजान के इस महीने में की गई इबादत और ताविक के बाद अब मुस्लिम समुदाय के लोग अपने परिवार और समाज के साथ मिलकर ईद का पर्व धूमधाम से मनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। व्यापारी भी इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि ईद के दौरान बाजारों में खरीदारी का दौर खासा बढ़ जाता है।ईद का पर्व केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है, जिसे पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

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