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ग्रामसभा में भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर छात्रनेता पर जानलेवा हमला….फिर दर्ज कर दी गई FIR…..उठी निष्पक्ष जांच की मांग


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बिलासपुर। ग्राम मोहतरा में आयोजित ग्रामसभा के दौरान हुए बड़े भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद, ग्राम के ही निवासी और वकालत के छात्र रंजेश सिंह पर जानलेवा हमला हुआ और बाद में उनके खिलाफ ही गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

रंजेश सिंह ने अपने आवेदन में बताया कि वे सोमवार को ग्रामसभा में अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए थे, जहाँ उन्होंने बीते 10–15 वर्षों से पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार से संबंधित दस्तावेजों को जनप्रतिनिधियों के सामने रखा। उनके अनुसार, पंचायत के अधिकांश कार्यों का भुगतान एक ही व्यक्ति के नाम पर किया गया है, जिसकी कोई दुकान तक नहीं है। उदाहरण के लिए, 49 हजार रुपये की राशि से बिना दुकान और बिल के 2000 लीटर की पानी टंकी का भुगतान कर दिया गया।

इसके अलावा, सामूहिक शौचालय निर्माण के नाम पर लगभग 8 लाख रुपये का भुगतान दिखाया गया है, जबकि हकीकत में केवल 3.5 लाख रुपये की लागत से मनरेगा मद से शौचालय का निर्माण किया गया।

इन तथ्यों के उजागर होने पर, पूर्व सरपंच एवं वर्तमान उपसरपंच इंद्रजीत क्षत्रिय, जो भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष भी हैं, बौखला गए और ग्रामसभा के बाद रंजेश सिंह पर उनके कार्यालय में ही जानलेवा हमला कर दिया। उनकी माँ, जो ग्राम पंचायत सदस्य हैं, ने बीच-बचाव कर किसी तरह उन्हें बचाया।

रंजेश सिंह ने बताया कि वे तत्काल थाने पहुंचे, लेकिन तीन घंटे तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में जब वे थाने से बाहर निकले तो 80–100 लोगों की भीड़ ने फिर से उनके ऊपर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अगले दिन रंजेश सिंह को जानकारी मिली कि उनके ही खिलाफ झूठे आरोपों के साथ एफआईआर दर्ज कर दी गई है, जिसमें एक्टर्स सिटी जैसे गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जबकि वे स्वयं पीड़ित हैं।

रंजेश सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए ताकि भ्रष्टाचार का सच सामने आ सके और उन्हें न्याय मिले। उनका कहना है कि राजनीतिक दबाव और साजिश के तहत उनके ऊपर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ सकता है। वे वर्तमान में वकालत के छात्र हैं।

वर्जन

दो पक्षों की लड़ाई का मामला है।इसमें दोनों पक्षों पर अपराध कायम किया गया है।थाना के बाहर भी आपस में भिड़े हुए थे।जिसमें दोनों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया गया है।

उमेश साहू

टीआई बिल्हा थाना

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