राशन के लिए रात तक लाइन, मशीन ने बढ़ाई जनता की मुश्किलें
तीन महीने का चावल एक साथ बंट रहा, लेकिन तकनीकी अड़चन से वितरण धीमा
बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के शासकीय उचित मूल्य दुकानों में इन दिनों अफरा-तफरी का माहौल है। सरकार ने जून, जुलाई और अगस्त तीनों महीने का चावल एक साथ बांटने का आदेश दिया है, लेकिन नई ई-पॉश मशीनों की तकनीकी समस्याओं ने हितग्राहियों की परेशानी बढ़ा दी है। कहीं लोग सुबह 4 बजे से लाइन में खड़े हैं, तो कहीं रातभर दुकान के सामने सोने को मजबूर हैं।नई मशीनों की गति बेहद धीमी है। हर हितग्राही को चावल के लिए 5-6 बार फिंगरप्रिंट या ओटीपी देना पड़ रहा है।मशीनों में बार-बार एरर आने से एक व्यक्ति को राशन देने में 20 से 30 मिनट तक लग रहे हैं। यही वजह है कि कई दुकानों में दिनभर की मशक्कत के बाद भी 200 में से केवल 50-60 लोगों को ही राशन मिल पा रहा है।राशन दुकानदार भी परेशान हैं क्योंकि भीड़ तो रोज़ जुट रही है लेकिन वितरण की रफ्तार बहुत कम है। साफ्टवेयर स्लो है, इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है, और मशीनें बार-बार हैंग हो रही हैं।इससे वितरण का काम प्रभावित हो रहा है और हजारों हितग्राही अब भी राशन से वंचित हैं।राशन वितरण की अंतिम तिथि करीब है और हजारों लोगों को अभी चावल मिलना बाकी है। जिसकी वजह से दिनों दिन भीड़ बढ़ती जा रही है।