क्या वार्ड क्रमांक 42 चंद्रशेखर आजाद नगर से भाजपा कमलेश भाई चावड़ा पर जताएगी भरोसा ?….कमलेश की दावेदारी हुई और भी मजबूत

बिलासपुर। बुधवार से नगर नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया आरंभ हो गई। इधर अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है, लेकिन इसकी कवायद युद्ध स्तर पर जारी है। भाजपा में पार्षद के दावेदारों के नाम मंडल स्तर से जिला कमेटी को भेज दिए गए हैं। वही महापौर के लिए पैनल बनाया जा रहा है। भाजपा प्रत्याशियों के चयन को लेकर प्रोटोकॉल बना दिया गया है। अधिकांश वार्डो में रायशुमारी से पार्षद प्रत्याशियों के लिए सिंगल नाम तय कर लिए गए हैं। जहां असमंजस की स्थिति है वहां पैनल में तीन-तीन नाम आगे बढ़ाए गए हैं। चयन समिति के साथ स्थानीय विधायक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आरक्षण के बाद कई वार्डों में स्थिति बदली है कई स्थानों पर जहां भाजपा पुराने प्रत्याशियों को ही रिपीट करना चाहती है तो वहीं कई स्थानों पर स्थानीय मांग और बदली हुई परिस्थितियों के कारण नए प्रत्याशी उतारने पड़ सकते हैं उन्हीं में से एक है देवरीखुर्द क्षेत्र का वार्ड क्रमांक 42 चंद्रशेखर आजाद नगर जहां पैनल में चार नाम आगे बढ़ाए गए हैं। वर्तमान में यहां निर्दलीय पार्षद लक्ष्मी यादव है जो की 5 साल एकदम निष्क्रिय रहे।
चूंकि लक्ष्मी यादव ने भी भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी की है और पिछली बार भाजपा ने सामान्य सीट होने के कारण बी.पी. सिंह को मैदान में उतारा था और उनको लक्ष्मी यादव से हार का सामना करना पड़ा था तो इस बार उम्मीद है पार्टी इन दोनों को दरकिनार करते हुए नया चेहरा पर भरोसा करेगी ।
कमलेश भाई ने चर्चा के दौरान बताया कि अगर भारतीय जनता पार्टी उन्हें अवसर देती है तो वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ न केवल यह चुनाव लड़ेंगे बल्कि जीतेंगे और इस वार्ड के एक जागरूक नागरिक होने की वजह से वार्ड की एक-एक समस्या से वह अवगत हैं जिनमें निराकरण के लिए वह पूरे समर्पण से काम करेंगे उन्होंने आगे कहा कि बड़े नेताओं से हुई चर्चा से उन्हें यह भरोसा है कि उन्हें ही भाजपा से टिकट दिया जाएगा।
इधर वार्ड वासियों से मिले रुझान भी यही इशारा करते हैं कि पैनल में शामिल चारों नाम में से कमलेश भाई चावड़ा की दावेदारी ही प्रबल है अब फैसला किसके पक्ष में जाता है इसके लिए थोड़ी प्रतीक्षा तो करनी ही होगी।