सिद्ध मुनि आश्रम दलहा गिरी पोड़ी में श्री रुद्र महायज्ञ एवं धर्म सम्मेलन, श्रीमद् भागवत महापुराण कथा 18 मार्च से प्रारंभ

श्री सिद्ध मुनि आश्रम दल्हा गिरी मे भव्य एवम विशाल कलश यात्रा से श्री रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ
सीपत — विश्व कल्याण की मंगल कामना को लेकर श्री सिद्ध मुनि आश्रम दल्हा गिरी मे आश्रम परिवार व दलहान्चल क्षेत्र के चारों दिशाओं में निवासियों के सहयोग से लगभग, सत्तर वर्षो के लंबे अंतराल मे मंगलवार भव्य कलश यात्रा के श्री रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा यज्ञ मंडप से श्री सूर्य कुण्ड से जल भरकर पुनः यज्ञ मण्डप मे समाप्त हुआ। मुख्य यज्ञाचार्य पं बजरंग पांडेय, कथावाचक पं कौशल किशोर दुबे, मुख्य यजमान पं नंद कुमार गुरुद्वान, मदन मोहन सिंह व सभी सहयोगियों, भक्तों की उपस्थिति में शुभारम्भ किया गया। पं उमाशंकर गुरुद्वान ने बताया कि यज्ञ 18 मार्च से 28 मार्च तक आयोजित की गई है जिसमें श्रीमद् भागवत कथा का भी विशेष आयोजन किया गया है।

जांजगीर चांपा जिले के सिद्ध मुनि आश्रम दलहा गिरी में नवदीप सिंह श्री रुद्र महायज्ञ एवं धर्म सम्मेलन का आयोजन 18 मार्च से प्रारंभ हो रही है इस दौरान आश्रम में पूजन जल यात्रा मुंडा प्रदेश मंडप पूजन आचार्य वर्णन विधि पूजन रुद्राभिषेक भागवत कथा 18 मार्च से लेकर 28 मार्च तक चढ़ोत्री यज्ञ सहस्रधारा पूर्णाहुति ब्रह्म भोज के साथ संपन्न होगी l प्रतिदिन मंडप पूजन हवन महामंत्र संकीर्तन भागवत कथा महा आरती कार्यक्रम होगी l इस महायज्ञ में यज्ञाचार्य के रूप में पंडित बजरंग पांडेय दमऊ पंडित रवि शंकर मिश्रा कोरबा पंडित गोपाल प्रसाद पांडेय दमऊ पंडित शंकर पांडेय दमऊ पं निरंजन तिवारी शक्ति पंडित वेद प्रसाद प्रकाश शर्मा शक्ति पंडित तुंगेश्वर पांडेय जावलपुर पंडित आशीष दुबे चंगोरी पंडित एकलव्य शुक्ला जूनाडीह पंडित अश्वनी शर्मा बिटकुला पंडित गोकुल प्रसाद दुबे चंगोरी पंडित अमर गुरुद्वान चंगोरी पंडित उमाशंकर गुरुद्वान चंगोरी प्रमुख रूप से होंगे l इसमें कथावाचक व्यासपीठ के रूप में कौशल किशोर दुबे बाम्हु वाले के मुखार से अमृत रूपी श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का वाचन करेंगे lइसमें मुख्य यजमान के रूप में नंदकुमार गुरुद्वान चंगोरी मदन मोहन सिंह साकर है l इस महायज्ञ को सफल बनाने में ग्राम पड़रिया कटघरी खटोला पोड़ी दल्हा चंगोरी धनपुर पिपरदा सांकर अमलीपाली सोनडीह मधुआ फरहदा चंदनिया बाना परसाही दोरला अकलतरी , सोनादुला ऊनी कुली बछौद झिरिया पचरी बलौदा अकलतरा एवं समस्त क्षेत्रवासी लगे हुए हैं l