रुक नहीं रहा मानव–हाथी द्वंद, फसल की रखवाली कर रहे दंपत्ति को हाथियों ने कुचल कर उतारा मौत के घाट
हाथियों के हमले के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। धान की फसल की रखवाली के लिए खेत में सो रहे किसान दंपत्ति को हाथियों ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। वही हाथियों के लोकेशन को ट्रैक करने वन विभाग की टीम जुटी हुई है।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में मानव हाथी द्वंद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इंसानी बस्तियों में आने और इंसानों पर हाथियों के द्वारा हमला करने की घटनाएं लगातार हो रही है। एक बार फिर मानव हाथी द्वंद का मामला सामने आया है। फसल की रखवाली करने के लिए खलिहान में सो रहे दंपत्ति को हाथियों के दल ने कुचल कर मार डाला। हाथियों के हमले में पति–पत्नी की मौत हो गई। मामला भटगांव थाना क्षेत्र का है।
हाथियों के द्वारा इंसानों पर हमले के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला भटगांव थाना क्षेत्र के कपसरा स्थित पोड़ी गांव का है। जिसमें हाथियों के दल ने फसल की रखवाली के लिए खलिहान में सो रहे दंपत्ति को कुचलकर मार डाला। घटना बीती रात करीब 2:00 बजे हुई। हमले में पति-पत्नी ने अपनी जान गंवा दी।
शुक्रवार– शनिवार की दरमियानी रात 2 बजे मृतक कबिलाश रजवाड़े अपनी पत्नी धनियारों के साथ धान की फसल की रखवाली के लिए खलिहान में सो रहे थे। इसी दौरान पहुंचे हाथियों के दल ने उन पर हमला कर दिया। हाथियों के डालने पति-पत्नी को पटक-पटक कर और कुचल कर बेरहमी पूर्वक मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद सूचना मिलते ही आज सुबह से वन विभाग का अमला गांव में पहुंचा हुआ है। इस दौरान हाथी गांव से निकल चुके थे। हाथी कहा गए इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। हाथियों के दल की सटीक लोकेशन जानने के लिए वन विभाग जुटी हुई है। मृतकों के शवों को पीएम के लिए भेज दिया गया है। वही मृतकों के परिजनों को वन विभाग मुआवजा प्रदान करेगा।
चंद दिनों में हुई दूसरी बड़ी घटना:–
एक सप्ताह के भीतर ही हाथियों के हमले की दूसरी बड़ी घटना सामने आई है। हाथियों ने बीते 22 नवंबर को रामकोला वन परिक्षेत्र में उपसरपंच मोहम्मद सैफुद्दीन को मार डाला था। वह जंगल में भटकी गाय की तलाश और जड़ी बूटी खोजने अपने तीन अन्य साथियों के साथ गए थे। लौटते समय हाथियों के दल से उनका सामना हो गया। इस दौरान हाथियों ने आक्रामक होकर उन पर हमला कर दिया। तीन साथी तो उनके किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में कामयाब रहे पर सैफुद्दीन को हाथियों ने अपनी चपेट में लेकर कुचल दिया। लगातार होने वाले हाथियों के हमले से ग्रामीण आतंकित है। अब हाथी जंगलों के अलावा गांव में घुसकर इंसानों पर हमले कर रहे हैं जिससे ग्रामीणों के साथ ही वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।