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रेल कोचिंग डिपो हादसा,करंट से झुलसे कर्मचारी की हालत गंभीर

ठेका कंपनी पर FIR, रेलवे ने जांच कमेटी बनाई

बिलासपुर । रेलवे कोचिंग डिपो में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। ट्रेन की छत पर काम करते समय एक रेलकर्मी हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। हादसे के बाद पुलिस ने ठेका कंपनी के साइट इंचार्ज पर केस दर्ज किया है और रेलवे ने जांच कमेटी गठित कर दी है।

यह हादसा 23 अगस्त को हुआ।जांजगीर चांपा निवासी प्रताप बर्मन और उसका साथी चरणदास मानिकपुरी ट्रेन की छत पर एसी लीकेज सुधार रहे थे। अचानक बारिश होने पर दोनों नीचे उतरे, लेकिन साइट इंचार्ज मीना ने उन्हें दोबारा छत पर चढ़ने को कहा। चरणदास के मुताबिक, मीना की बात मानकर प्रताप जैसे ही ऊपर गया, उसे 25 हज़ार वॉट का करंट लग गया।करीब 10–15 मिनट तक वह छटपटाता रहा। होश आने पर जैसे ही उठने की कोशिश की, उसे दोबारा करंट लगा और वह नीचे गिर पड़ा।घायल प्रताप को एम्बुलेंस तक नहीं मिली और उसे ऑटो से रेलवे अस्पताल पहुंचाना पड़ा। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सिरगिट्टी पुलिस ने ठेका कंपनी के साइट इंचार्ज मीना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (बी) के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोप है कि मीना के दबाव और जैमर बंद न होने की वजह से यह हादसा हुआ।सीनियर डीसीएम का कहना है कि जांच में यह देखा जाएगा कि गलती किस स्तर पर हुई और क्या इसमें कर्मचारी की भी कोई लापरवाही रही। फिलहाल रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी।

गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। ठीक 13 महीने पहले, 9 जुलाई 2024 को बीसीएन यार्ड में करंट हादसे में 19 वर्षीय अप्रेंटिस प्रसाद गजानंद काले की मौत हो गई थी। उस वक्त कर्मचारियों ने मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था।बार-बार हो रहे ये हादसे रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस बार जांच और कार्रवाई कितनी गहराई से की जाती है, या फिर यह मामला भी महज़ फाइलों तक सीमित रह जाएगा।

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