तखतपुर की बेटी रिशाली शिवहरे ने रचा इतिहास…. कोल इंडिया MT–HR परीक्षा में पूरे देश में हासिल किया AIR–1….SECL में मैनेजमेंट अधिकारी पद पर हुआ चयन

तखतपुर से समीर सेमर की रिपोर्ट.
बिलासपुर/तखतपुर। छोटे से कस्बे तखतपुर को देशभर में पहचान दिलाने वाली एक और उपलब्धि सामने आई है। नगर की होनहार बेटी रिशाली शिवहरे, पुत्री स्वर्गीय रमेश
शिवहरे, ने कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित एमटी–एचआर (मैनेजमेंट ट्रेनी – ह्यूमन रिसोर्स) परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक प्रथम प्राप्त कर अतुलनीय सफलता हासिल की है। उनकी इस अप्रतिम उपलब्धि से न केवल तखतपुर गौरवान्वित हुआ है, बल्कि सम्पूर्ण बिलासपुर संभाग और छत्तीसगढ़ राज्य में हर्ष की लहर है।
रिशाली का चयन देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में एचआर मैनेजमेंट ट्रेनी (कार्यपालक/अधिकारी) के रूप में हुआ है। इतने प्रतिष्ठित पद पर चयनित होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, और साथ ही यह दर्शाता है कि मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण किसी भी प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।
पिता के सपनों को किया साकार, माँ का संघर्ष बना प्रेरणा
रिशाली की सफलता में उनके संस्कार, पारिवारिक अनुशासन और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके पिता स्वर्गीय रमेश शिवहरे स्वयं भी उच्च सपने रखने वाले थे और हमेशा चाहते थे कि उनकी बेटी एक उच्च पद पर आसीन होकर समाज और क्षेत्र का नाम रोशन करे। आज रिशाली ने अपने पिता की वही इच्छाएँ साकार कर दीं।
उनकी माता श्रीमती रीता शिवहरे, जिन्होंने जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी बेटी को हर कदम पर मजबूत बनाया, इस सफलता का सबसे बड़ा स्तंभ रहीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने रिशाली का मनोबल कभी टूटने नहीं दिया। रिशाली बताती हैं कि माँ का विश्वास, त्याग और निरंतर समर्थन ही उनके लिए शक्ति का सबसे बड़ा स्रोत रहा है।
अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास बने सफलता की कुंजी
रिशाली ने अपनी तैयारी में नियमितता और योजनाबद्ध अध्ययन को विशेष महत्व दिया। वह बताती हैं कि परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने का कोई शॉर्टकट नहीं होता; सतत मेहनत, समर्पण और स्वयं पर भरोसा ही सफलता का मार्ग बनाता है।
रिशाली ने कहा— “यह उपलब्धि मेरे लिए केवल एक परीक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि कई वर्षों की अनुशासित तैयारी, धैर्य और विश्वास का फल है। मैं अपने पिता के सपनों और माँ के संघर्ष को जीवनभर याद रखूँगी। एसईसीएल में अपनी भूमिका को पूर्ण ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभाऊँगी।
तखतपुर में जश्न जैसा माहौल, क्षेत्रवासियों में गर्व की अनुभूति
रिशाली की इस उपलब्धि के बाद तखतपुर में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों ने मिठाई बाँटकर एक-दूसरे को बधाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिशाली की मेहनत और समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।
गाँव और शहरों से आने वाले अनेक छात्र-छात्राएँ अब उन्हें अपनी आदर्श के रूप में देख रहे हैं। शिक्षा क्षेत्र के जानकारों ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता से क्षेत्र की छवि न केवल उजागर होती है, बल्कि यह संदेश भी मिलता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
भावी लक्ष्य: समाज और संगठन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प
रिशाली का कहना है कि एचआर जैसे महत्वपूर्ण विभाग में काम करते हुए वे पारदर्शिता, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों पर आधारित कार्यशैली को प्राथमिकता देंगी। उनका मानना है कि किसी भी संगठन की प्रगति में मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है, और वे इसी सोच के साथ एसईसीएल में योगदान देंगी।
क्षेत्र ने दिया आशीर्वाद, भविष्य के लिए शुभकामनाएँ
रिशाली की इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में गर्व व्याप्त है। सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि रिशाली ने तखतपुर का मान बढ़ाया है और उम्मीद जगाई है कि भविष्य में यहाँ की और भी बेटियाँ और बेटे देशभर में अपना परचम लहराएँगे।
रिशाली शिवहरे की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे तखतपुर की जीत है। उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ है।