महाराजा अग्रसेन पर अभद्र टिप्पणी,आगबबूला हुआ अग्रवाल समाज…. बोले,होनी चाहिए कठोर कार्रवाई

अमित बघेल के खिलाफ़ उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में महाराजा अग्रसेन पर की गई अमर्यादित और अशोभनीय टिप्पणी को लेकर माहौल गरम है। बिलासपुर में बुधवार को अग्रवाल समाज फूट पड़ा। आक्रोशित समाज के सैकड़ों सदस्य सड़कों पर उतरे, नारेबाजी की और कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अमित बघेल पर आरोप है कि उन्होंने भगवान श्रीराम के वंशज, समाज के आराध्य महाराजा अग्रसेन जी के विरुद्ध अशोभनीय और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। अग्रवाल समाज का कहना है कि यह बयान न केवल सामाजिक जनभावना को भड़काने वाला है, बल्कि इससे प्रदेश की शांति व्यवस्था पर सीधा खतरा पैदा हो गया है।अग्रवाल सभा के अध्यक्ष शिव अग्रवाल ने कहा —यह कोई सामान्य टिप्पणी नहीं, बल्कि हमारे आराध्य देवता का अपमान है। अमित बघेल ने जानबूझकर समाज में वैमनस्य फैलाने की साजिश रची है।अग्रवाल सभा ने आरोप लगाया कि अमित बघेल ने सिर्फ महाराजा अग्रसेन ही नहीं, बल्कि सिंधी समाज के आराध्य देवता, तथा महापुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्रति भी अभद्र शब्दों का उपयोग किया है।
सभा के सचिव सुनील संथालिया ने कहा —जब सरकार स्वयं महाराजा अग्रसेन जी के सम्मान में डाक टिकट जारी कर चुकी है और बिलासपुर में ‘अग्रसेन चौक’ का नामकरण हो चुका है, तब इस तरह की बयानबाजी समाज के करोड़ों लोगों की भावनाओं पर सीधा प्रहार है।
*समाज की कठोर चेतावनी.गंदी राजनीति’ का आरोप*
मीडिया प्रभारी मनीष अग्रवाल ने बघेल को गंदी राजनीति का परिचायक बताते हुए कहा कि वह बार-बार समाज में धार्मिक उन्माद और वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।अग्रवाल सभा की मांग है कि प्रदेश सरकार और प्रशासन तुरंत बघेल के खिलाफ धारा 153A (साम्प्रदायिक सौहार्द भंग), 295A (धार्मिक भावनाएं आहत करने) और अन्य गंभीर धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज करे। अन्यथा समाज उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने पहुंचे शिवकुमार अग्रवाल, उमेश मुरारका, मनीष अग्रवाल, चतुर्भुज अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, कपिल जाजोदिया, श्याम सुंदर जाजोदिया, आनंद खेमका, सुभाष अग्रवाल, दिनेश मुरारका सहित सैकड़ों समाजबंधुओं ने चेतावनी दी कि “अगर शासन-प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन की ज्वाला अब पूरे प्रदेश में फैलेगी।