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ब्लड कैंसर से जूझते हुए किसान की बहादुर बिटियां इशिका ने पाया पहला स्थान, दो– दो मोर्चों पर की एक साथ लड़ाई,एक जंग तो जीती पर दूसरी हैं बाकी

दसवीं बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाली इशिका बाला बल्ड कैंसर से जूझ रही है। एक मोर्चे पर तो उन्होंने फतह पा लिया पर दूसरे मोर्चे पर उनकी जंग अभी जारी है।

कांकेर। आज 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रिजल्ट घोषित किया है। दसवीं बोर्ड में 76.53% विद्यार्थियों ने टॉप किया है। कांकेर की इशिका बाला ने दसवीं की परीक्षा में 99.17% अंक लाकर परीक्षा टॉप की है। उन्हें कुल 595 अंक प्राप्त हुए है। इशिका के पिता किसान है। खास बात यह है कि इशिका ने बल्ड कैंसर से जूझते हुए यह मुकाम हासिल किया है। जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है।

मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली इशिका बाला कांकेर जिले के परलकोट पीवी नंबर 51 की रहने वाली है। उनके पिता का नाम शंकर बाला और माता का नाम इति बाला है। इशिका कोयलीबेडा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंडाहुर की छात्रा है।

इशिका पिछले दो सालों से बल्ड कैंसर से जूझ रही है। कैंसर की बीमारी के चलते पिछले साल इशिका दसवीं की परीक्षा नहीं दिला पाई थी। परीक्षा के दौरान उसका इलाज चल रहा था इसलिए वह परीक्षा देने से चूक गई। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही इशिका परीक्षा नहीं दिला पाने के चलते पूरी तरह मायूस हो उठी थी। पर फिर माता-पिता और शिक्षकों की प्रेरणा और हौसला दिलाने से फिर से एक बार परीक्षा दिलाने की ठानी।

इस सत्र में परीक्षा के साथ– साथ कैंसर बीमारी से भी दो– दो हाथ करते हुए परीक्षा की तैयारी में जुट गई। इशिका इलाज भी करवाती रही और पढ़ाई भी करती रही। बीमारी के परिणामों को छोड़ इशिका पूरी तरह सकारात्मक रह दसवीं बोर्ड के अपने लक्ष्य के लिए समर्पित हो तकलीफ और दर्द के बीच भी पढ़ती रही। और जब परिणाम सामने आया तो बहादुर बेटी ने पूरे प्रदेश में टॉप किया।

टॉप करने पर इशिका के स्कूल के प्राचार्य अरुण कुमार कीर्तनीय और अन्य शिक्षक–शिक्षिकाओं ने हर्ष व्यक्त किया है और इशिका के जल्द से जल्द ठीक होने की ईश्वर से कामना की है।

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