विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग–2026 में बीटीसी कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों की सशक्त भागीदारी

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि शिक्षा की गौरवपूर्ण प्रस्तुति
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के लिए यह अत्यंत गौरव, सम्मान एवं प्रसन्नता का विषय है कि महाविद्यालय के दो मेधावी विद्यार्थियों ने “विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग–2026” के अंतर्गत 9 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सक्रिय सहभागिता कर महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा छत्तीसगढ़ राज्य का राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली प्रतिनिधित्व किया।
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यार्थियों में मानसी चंद्राकर, एम.एससी. (कृषि), प्रथम वर्ष एवं
बेदराम वर्मा, बी.एससी. (कृषि), चतुर्थ वर्ष शामिल रहे।

उक्त राष्ट्रीय स्तर के युवा संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने में युवाओं की भूमिका को सशक्त करना था। इस दौरान देशभर से चयनित युवा प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयगत सत्रों, संवाद मंचों, बौद्धिक मंथन कार्यक्रमों एवं विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कृषि, ग्रामीण विकास, सतत कृषि प्रणालियाँ, नवाचार, आत्मनिर्भर भारत, युवा नेतृत्व एवं समावेशी विकास जैसे विषयों पर न केवल गंभीरता से सहभागिता की, बल्कि अपने विचारों से अन्य प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया। उनकी सक्रिय भागीदारी, अनुशासन, समयबद्धता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से सराहे गए।

इस राष्ट्रीय संवाद के दौरान विद्यार्थियों को देश के वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं युवा नेतृत्व के प्रेरक व्यक्तित्वों से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनके व्यक्तित्व, दृष्टिकोण एवं नेतृत्व क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। यह अनुभव भविष्य में उन्हें कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रभावी योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।

मानसी चंद्राकर एवं बेदराम वर्मा की इस उल्लेखनीय सहभागिता के माध्यम से बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की एक सकारात्मक, सशक्त एवं प्रगतिशील छवि राष्ट्रीय मंच पर स्थापित हुई है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित विद्यार्थियों के लिए, बल्कि समस्त महाविद्यालय परिवार, शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है।
महाविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों द्वारा दोनों विद्यार्थियों की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई है तथा यह आशा व्यक्त की गई है कि ऐसे प्रतिभाशाली युवा आगे चलकर राज्य एवं राष्ट्र के विकास में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।