विकास की रफ्तार ठप,दो बैराज अधूरे,जनता बेहाल….

सरकारें बदलीं, सिस्टम नहीं,पचरीघाट बैराज अब भी आधे-अधूरे….
ठेकेदार पर विभाग का कोई दबाव नहीं काम ठप,जनता त्रस्त…
बिलासपुर । विकास कार्यों की रफ्तार पर फिर बड़ा सवाल, सरकारें बदलती रहीं, चेहरे बदलते रहे, लेकिन प्रशासन का ढर्रा वही का वही! काम महीने-दो महीने नहीं… सालों से लटके पड़े हैं। जनता हलाकान है, परेशान है, लेकिन न जनप्रतिनिधियों को फिक्र है, न जिम्मेदार अफसरों को कोई चिंता।शहर की जलभराव समस्या को खत्म करने के दावे के साथ बनाए जा रहे दोनो बैराज पचरीघाट और चांटीडीह आज भी अधूरे खड़े हैं। जिस प्रोजेक्ट को सालभर जलभराव समाधान के नाम पर तेजी से पूरा करने का वादा किया गया था, वही अब लापरवाही की मिसाल बन चुका है।जलसंसाधन विभाग के अफसर ठेकेदार पर दबाव बनाने में नाकाम हैं… और ठेकेदार है कि एप्रोच रोड तक नहीं तैयार कर पाया।परिणाम , जाम… असुविधा… और लोग मजबूर शॉर्टकट के चक्कर में रोजाना सैकड़ों लोग आधे-अधूरे, कीचड़ भरे, खतरनाक पगडंडी से गुजरने को मजबूर हैं। बिना रेलिंग, बिना सुरक्षा… ये पगडंडी किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकती है।इन तस्वीरों में साफ दिखता है कि राहगीर किस तरह जान हथेली पर रखकर इस रास्ते से गुजर रहे हैं।क्षेत्र के लोग भी भड़क उठे हैं। उनका कहना है।जब काम अधूरा है, तो रास्ता क्यों खोला गया? प्रशासन सिर्फ दिखावा कर रहा है, असल काम ठप पड़ा है।स्पष्ट है… जनता परेशानी में है, और विभागों में जिम्मेदारी का कोई अहसास नहीं।प्रश्न यही आखिर कब बदलेगा प्रशासन का रवैया? कब ये बड़े प्रोजेक्ट कागजों से निकलकर धरातल पर पूरे होंगे।फिलहाल तो बिलासपुर की जनता सिर्फ इंतजार कर और सहन कर रही है।
*लापरवाही की नई मिसाल खतरनाक रास्तों से गुजरने को लोग मजबूर*
अरपा पर बने बैराज को लेकर लोगो के जो सपना देखा था वह अब तक पूरा नहीं हो सका है।बल्कि सपना और टूट चुका है। अरपा बैराज के ऊपर से बीच में जाने का रा बनाया गया था लेकिन अत्यधिक दो पहिया वाहनों के चलने के कारण उसे भी बंद कर दिया गया जिसके कारण लोग फिर से नदी के ऊपर बने पुराने पुल से जाने लगे है।
वर्जन
बैराज का काम अब तक पूरा हो जाना था लेकिन सरकार बदलने के बाद भी काम का पुरा नहीं होना समझ से परे है
महेश दुबे
स्थानीय निवासी
वर्जन
बैराज का काम लगभग हो चुका है कुछ काम बाकी होगा तो वह भी जल्द हो जाएगा।
पूजा विधानी
महापौर बिलासपुर
वर्जन
बैराज का काम जल्द पूरा हो जायेगा।टेक्निकल टीम काम कर रही हैं
मधु चंद्रा
ईई जल संसाधन विभाग