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परीक्षा सिर पर,पढ़ाई ठप,सरकारी ड्यूटी में उलझे शिक्षक…

बोर्ड से पहले बड़ा झटका,क्लास छोड़ मार्कशीट सत्यापन में शिक्षक…

90 प्लस का सपना या सरकारी ड्यूटी? छात्रों की पढ़ाई पर संकट…

दावों के उलट हकीकत,हाई स्कूल प्राचार्य भी ड्यूटी में…

बिलासपुर।परीक्षा सिर पर है, लेकिन पढ़ाई पटरी से उतरती नजर आ रही है। बिलासपुर जिले के स्कूलों में इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा सरकारी ड्यूटी हावी हो गई है। शिक्षक और शिक्षिकाएं कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के बजाय एसएआर के तहत मिली मार्कशीट के सत्यापन कार्य में लगाए गए हैं। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

विओ:- जानकारी के मुताबिक, आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बड़ी संख्या में प्राचार्य और शिक्षक-शिक्षिकाओं को मार्कशीट सत्यापन के काम में लगाया गया, जिससे स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां लगभग ठप रहीं। कक्षाएं खाली रहीं और विद्यार्थियों को बिना पढ़ाई के लौटना पड़ा।इस पूरे मामले पर जब जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के तहत ड्यूटी केवल मिडिल और प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों की लगाई गई है, हाई स्कूल के शिक्षकों की नहीं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, हाई स्कूल के प्राचार्यों को भी जिला मुख्यालय में मार्कशीट सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 15 जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और अगले महीने बोर्ड परीक्षाएं भी हैं, तो ऐसे समय में शिक्षकों और प्राचार्यों को स्कूल से बाहर की ड्यूटी में लगाना कितना उचित है। छात्रों को इस वक्त गहन मार्गदर्शन, रिवीजन और अभ्यास की सबसे ज्यादा जरूरत है।अगर शिक्षक, शिक्षिकाएं और प्राचार्य पढ़ाने के बजाय दूसरे कामों में व्यस्त रहेंगे, तो 90 प्लस परिणाम का सपना कैसे पूरा होगा? शिक्षा विभाग के दावों और जमीनी हालात में साफ अंतर दिखाई दे रहा है।

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