शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा वयवस्था के साथ की जा रही शिकायत की सत्यता सिद्ध होने पर ही कर्तावाहो हो -रोहित तिवारी
बिलासपुर – विगत कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि अंकित गौरहा के द्वारा शासकीय कर्मचारियों पर लगातार आरोप लगाये जा रहे है ,शिकायत कर जाँच करने के नाम पर कर्मचारियों को भयक्रांत किया जा रहा है । एक मामला सामने आया जिसमे सुनील यादव प्रदेश महामंत्री प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी पर आरोप की बौछार कर परेशान करने का मामला सामने आया है ।एक बार जिला स्तरीय जाँच चार सदस्यीय समिति के द्वारा जाँच की गई जिसमे सुनील यादव पर लगाये गये आरोप निराधार बेबुनियाद असत्या सिद्ध होने के बाद विभाग पर दोबारा जाँच करने का दबाव बनाया जा रहा है , और दबाव में आकर सयुंक्त संचालक बिलासपुर के द्वारा दोबारा जाँच समिति बनायी गई इसके बाद अंकित गौरहा को लगा की निष्पक्ष जाँच समिति बनायी जाए पता नहीं अंकित क्या चाहता है इससे भी संतुष्ट नहीं हुवा और शासन स्तर पर जाँच बनाने पत्र सचिव को लिखकर समाचार पत्रों में खूब वायरल हो रहे है ।
यह पहला मामला नहीं है जब अंकित गौरहा ने शासकीय कर्मचारी को निशाना बनाया है इससे पूर्व भी उसके द्वारा ऐसा किया गया था ।इस पूरे मामले को संघ ने समझा और की गई शिकायत की बारीकियों को समझा है इस पूरे प्रकरण को जबरन उछाल कर मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है जब जाँच हो गई तो उसके बाद भी लगातार शिकायत करने समझ से परे दिखता है इसने सुनियोजित षड्यंत्र की बू आ रही है जो की किसी व्यक्ति विशेष को लाभ दिलाने के प्रयोजन से किया जाना हो सकता है ।इस सबंध में प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने प्रेस को बताया है कि शासकीय कर्मचारियों को परेशान करने की मंशा से किया जा रहे शिकायत के सबंध में हमने कलेक्टर बिलासपुर के द्वारा ज्ञापन मुख्यमंत्री एवम शिक्षा मंत्री जी नाम से ज्ञापन सौंपकर मामला को सज्ञान में लेकर अंकित गौरहा के विरुद्ध प्रभावी नियम अनुसार कार्यवाही करने पत्र सौंपा गया है जल्द ही इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री जी से मिल कर पूरी बात बतायी जाएगी साथ ही अन्य फ़ोरम पर भी बात रखी जावेगी ।
अंकित गौराहा के द्वारा शासकीय कर्मचारियों को भय दोहन के विरुद्ध संघ सज्ञान में लेकर आंदोलन के लिए बाध्य होगा ।