सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने कार पेड़ से टकराई,1 महिला की मौत,3 घायल

बिलासपुर । सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार को ग्राम भरनी में भीषण सड़क हादसा हों गया है। जहाँ अनियंत्रित कार पेड़ से टकरा गई। जिससे गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। वही मौके पर ही कार सवार एक महिला की मौत हो गई है। जबकि एक ही परिवार के तीन अन्य सदस्यों को गंभीर चोट लगी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुठेली में रहने वाले रमेश तिवारी रिटायर्ड टीचर गुरुवार को अपनी पत्नी विद्या तिवारी, बहू मंजुला तिवारी, पोता सौम्या तिवारी के साथ मारुति स्विफ्ट कार क्रमांक सीजी 28 3354 में सवार होकर गुरुवार को वे रिटायर्ड सीएमएचओ प्रमोद तिवारी के घर आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने निकले थे।
प्रत्यक्षदर्शियो के अनुसार जैसे सुबह करीब 10,30 बजे वह भरनी स्थित सीआरपीएफ कैंप के पास पहुंचे ही थे। तभी सड़क पर बैठे मवेशियों के अचानक कार के समक्ष आता देख उन्हे बचाने के चक्कर में उनकी कार सड़क से उतरकर पेड़ से जा टकराई। हादसे में कार के फ्रंट सीट पर बैठीं विद्या तिवारी के सिर में गंभीर चोटे आई। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कार चला रहे रमेश तिवारी उनकी बहू मंजुला तिवारी, पोता सौम्या तिवारी को गंभीर चोटे आई। इधर हादसे की सूचना मिलते ही सकरी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को करीब 11.30 बजे संजीवनी हॉस्पिटल भेजा।

जहां रमेश तिवारी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें गुरुवार शाम अपोलो हॉस्पिटल में रैफर कराया गया है। जहा उनका सघन उपचार जारी है।इधर उनकी बहू मंजुला तिवारी अभी भी संजीवनी हॉस्पिटल में आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही है। जबकि उनका पोता सौम्या तिवारी फिलहाल खतरे से बाहर बताया जा रहा है। सकरी पुलिस ने महिला के शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।इस घटना में मौके पर ही दम तोड़ चुकी विद्या तिवारी संजीवनी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर विनोद तिवारी और पूर्व सीएमएचओ प्रमोद तिवारी की भाभी हैं। इस घटना से पूरा परिवार सहित क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
*सकरी में इसके पहले भी हुआ है हादसा*
कुछ दिन पहले सकरी में देर रात युवक युवती ढाबा से खाना खाकर लौट रहे थे जिसमें मवेशी को बचाने के चक्कर में गाड़ी से पेड़ से टकराई और हादसे में एक युवक की मौत हो गई।जबकि तीन लोगों को मामूली चोट पहुंची थीं
*आवारा मवेशी सड़क पर बैठे रहते है,नहीं होती कोई कार्रवाई*
आवारा मवेशी सड़को पर बैठे रहते है जो रात के वक्त नहीं दिखते है।जिसके कारण हादसा होता है।कई बार मवेशी गाड़ी को देखकर भागने लगते है।जिसे बचाने के चक्कर में गाड़ी अनियंत्रित हो जाती है और उस कारण भी हादसा हो जाता है।
जिसमें लोग घायल भी होते है और मौत भी हो जाती है।