सरपंच पर अवैध शराब बेचने का आरोप, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बरदुला में अवैध शराब का धंधा सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर ऑफिस
बरदुला में सरकारी शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया फिर शुरू
बिलासपुर ।जिले से एक चौंकाने वाली और बेहद गंभीर खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत कोड़ापुरी बरदुला के ग्रामीणों ने अपने ही सरपंच पर अवैध शराब के बड़े कारोबार का आरोप लगाया है। आरोप इतने गंभीर हैं कि गांव के सैकड़ों महिला–पुरुष आज एक साथ जनदर्शन में पहुंचे और कलेक्टर को लिखित में शिकायत सौंपी।
दरअसल ग्राम कोड़ापुरी बरदुला के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के सरपंच साहू पिछले कई वर्षों से कच्ची महुआ शराब और भट्टी की अवैध शराब बेच रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यह कारोबार इतने खुलेआम चल रहा है कि कई बार शिकायतें सकरी थाना और प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि गांव में बनने वाली कच्ची और यूरिया मिली शराब लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन चुकी है। कई घरों में पुरुष और युवा इस जहरीली शराब के नशे में उलझते जा रहे हैं। कई लोगों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का दर्द साफ था अगर अवैध शराब नहीं रुक रही, तो गांव में सरकारी शराब दुकान ही खोल दी जाए, कम से कम मिलावट तो नहीं होगी जनदर्शन में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर आवाज उठाई और मांग की कि गांव में अवैध शराब बंद हो तथा सरकारी दुकान की व्यवस्था की जाए, ताकि अवैध व्यापार पर रोक लग सके।इधर जब इस पूरे मामले पर आबकारी आयुक्त नवनीत तिवारी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि बरदुला में सरकारी शराब दुकान के लिए जगह पहले ही चयनित की जा चुकी है। पिछली बार दुकान खोलने की प्रक्रिया शुरू भी की गई थी, लेकिन सरपंच की आपत्ति के कारण वह नहीं खुल पाई थी।अब प्रशासन जल्द ही दुकान खोलने की कार्रवाई आगे बढ़ाएगा।वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। ग्राम कोड़ापुरी बरदुला के लोग वर्षों से अवैध शराब के डर और नुकसान के बीच जी रहे हैं। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कब तक कार्रवाई करता है और कब तक ग्रामीणों को इस समस्या से राहत मिलती है। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक फैसले पर टिकी हुई हैं।
*ग्रामीणों ने रोड और कलेक्ट्रेट घेरकर जमकर की नारेबाजी*
आक्रोशित ग्रामीणों ने सरपंच और स्थानीय कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे उसके बाद सड़क जाम कर दिए।यही नहीं नाराज ग्रामीणों के कलेक्ट्रेट के सामने गेट पर खड़े होकर जनकर नारेबाजी करने लगे।जिसके कारण माहौल बना रहा।इस बीच नाराज ग्रामीण किसी को आने जाने नहीं दे रहे थे।बल्कि सीधे और साफ बोले कि सुनवाई नहीं हुई तो इसके बाद फिर से आंदोलन होगा।
वर्जन
मामले की शिकायत ग्रामीणों ने की है।जिसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
संजय अग्रवाल
कलेक्टर बिलासपुर
वर्जन
ग्रामीणों ने शिकायत की है जिसकी जांच करने के लिए टीम भेज दिया गया है।जांच के बाद जो ऊंची होगा वह कार्रवाई की जाएगी।
नवनीत तिवारी
सहायक आयुक्त आबकारी विभाग बिलासपुर