सहकारी समिति कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, समर्थन में पहुंचे विधायक अटल श्रीवास्तव.
धान खरीदी से पहले हड़ताल से बढ़ी किसानों की चिंता
बिलासपुर। सहकारी समिति कर्मचारी संघ के कर्मचारी और ऑपरेटर अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। हड़ताली कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और समर्थन देने के लिए कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव तथा सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों की मांगों को जायज़ ठहराते हुए जल्द समाधान की बात कही। प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होनी है, ऐसे में कर्मचारियों और ऑपरेटरों के हड़ताल पर रहने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल के चलते समितियों में कामकाज ठप पड़ा है, जिससे कृषि से जुड़े कार्यों की तैयारी पर भी असर पड़ रहा है।
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*धान खरीदी से पहले बड़ा संकट,48 घंटे बचे,केंद्रों पर लटके ताले*
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने में अब सिर्फ 48 घंटे बाकी हैं, लेकिन हालात चिंताजनक हैं ना किसानों को टोकन का पता है, ना ही खरीदी केंद्रों के ताले खुले हैं।प्रदेश भर के सहकारी समितियों में सन्नाटा पसरा है।क्योंकि सहकारिता विभाग और कंप्यूटर ऑपरेटर संघ बीते 3 तारीख से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
*किसानों की चिंता बढ़ी,टोकन नहीं, खरीदी केंद्र बंद*
धान खरीदी की तैयारियों पर अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है।हर साल की तरह इस बार भी किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडियों की ओर देख रहे हैं,लेकिन खरीदी केंद्रों के गेट पर ताले लटके हैं और अंदर कोई व्यवस्था नहीं दिख रही।छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने अपनी दो सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।ये वही कर्मचारी हैं जो पिछले 18 सालों से लगातार किसानों की सेवा कर रहे हैं, लेकिन आज भी नियमितिकरण और वेतनमान की राह देख रहे हैं।संघ की मांग है कि धान खरीदी के दौरान सुखाई, परिवहन और सुरक्षा व्यय की पूरी राशि दी जाए,समितियों को समय पर भुगतान मिले,आउटसोर्सिंग नीति खत्म कर कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियमित किया जाए, और मध्यप्रदेश की तर्ज पर हर साल समितियों को 3-3 लाख रुपये का प्रबंधकीय अनुदान दिया जाए।
*कोटा विधायक बोले,सरकार कर्मचारियों के साथ कर रही अत्याचार*
हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के पास समर्थन देने पहुंचे कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा की सरकार अत्याचार कर रही है।किसानों का धान खरीदी का समय है और सहकारी समिति के कर्मचारियों के लंबित मांगो पर ध्यान देने की बजाए नए लोगों को प्रशिक्षण देकर केंद्रों में भेज रही है।यह पूरी तरह से गलत है।इसका पूरा प्रदेश स्तर पर विरोध किया जाएगा और लड़ाई लड़ी जाएगी।सरकार को हर हाल में चार सूत्रीय मांगों को स्वीकार करना चाहिए ताकि समस्याओ का समाधान हो सके।