सात महीने से बिना मानदेय काम कर रहे आवास मित्रों का फूटा गुस्सा
जिला पंचायत घेराव कर सीईओ को सौंपा ज्ञापन, जल्द भुगतान की मांग
बिलासपुर।जिले आवास मित्रों ने सोमवार को अपनी नाराजगी जताते हुए जिला पंचायत कार्यालय का घेराव किया।सात महीने से बिना मानदेय के काम कर रहे इन कर्मियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अपनी पीड़ा सुनाई। उनका कहना है कि लगातार मेहनत के बावजूद उन्हें एक रुपये तक का भुगतान नहीं हुआ, जबकि उनकी मेहनत से जिला आवास निर्माण की प्रगति में प्रदेश में अव्वल बना है।आवास मित्रों का आरोप है कि दिसंबर 2024 से वे मॉनिटरिंग, सत्यापन और डिजिटल फीडिंग जैसे अहम कार्यों में जुटे हैं।मॉनिटरिंग ऐप की तकनीकी समस्याओं के बावजूद वे अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। लेकिन अन्य जिलों में बिना ऐप फीडिंग के भुगतान हो चुका है, जबकि बिलासपुर के आवास मित्र आज भी इंतजार कर रहे हैं।आवास मित्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जब काम तय समय पर हो रहा है तो भुगतान में देरी का कोई औचित्य नहीं।उनका कहना है कि तय प्रति आवास 1000 रुपये मानदेय के हिसाब से तुरंत भुगतान किया जाए ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।इस पूरे प्रकरण ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब देखना ये है कि आवास मित्रों की आवाज पर प्रशासन कब तक प्रतिक्रिया देता है और उनकी लंबित मांगें कब तक पूरी होती हैं।
वर्जन
आवास मित्रो को मानदेय नहीं मिल रहा है।जिसके कारण बहुत
समस्या हो रही है।इसके लिए कई बार सीईओ को बोला गया है और राज्य सरकार को अवगत कराया गया है। फिर भी सुनवाई नहीं हो रही हैं।
शनि टेंगुवार
सचिव आवास मित्र
वर्जन
इतना मेहनत के बाद भी उनको किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।मानदेय तक नसीब नहीं है।इसलिए अपनी मांग को जिला पंचायत सीईओ के पास रखा गया है।
संजय साहू
जिला अध्यक्ष आवास मित्र