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सिंघार शुक्रवार से 4 दिन बिलासपुर में, कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष की ताजपोशी की राह तय होगी

बिलासपुर।मध्यप्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस पर्यवेक्षक उमंग सिंघार 10 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक बिलासपुर में रहेंगे और शहर एवं ग्रामीण ब्लॉकों के पदाधिकारियों के साथ रायशुमारी कर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की आधारशिला रखेंगे। इस नियुक्ति सियासी समीकरण, जातीय समीकरण और युवा नेतृत्व—इन तीनों परखों की लड़ाई बन गई है।

वर्तमान अध्यक्ष विजय केसरवानी, जो सामान्य वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।इस बार संभावित प्रतिस्पर्धियों की लड़ी में अकेले नहीं दिखेंगे। आशीष सिंह सामान्य वर्ग एवं लक्ष्मीनाथ साहू पिछड़ा वर्ग जैसे चेहरे चर्चा में हैं। विचार किया जा रहा है कि विभिन्न ब्लॉकों में तीन-तीन संभावित नामों की सूची तैयार कर प्रदेश अध्यक्ष और आलाकमान को भेजी जाए, जो निर्णय को अंतिम रूप देंगे।

10–13 अक्टूबर: 4 दिन की यात्रा और राजनीतिक परख

10 अक्टूबर (शुक्रवार):
– सुबह सिंघार बिलासपुर पहुंचेंगे, कांग्रेस भवन में मीडिया से मुख़ातिब होंगे।
– दोपहर में सकरी व तखतपुर ब्लॉक पदाधिकारियों से मुलाकात।
– शाम को कोटा में कोटा, रतनपुर व बेलगहना ब्लॉकों के नेताओं से बैठक।
– रात का विश्राम छत्तीसगढ़ भवन में।
11 अक्टूबर (शनिवार):
– सुबह 11 बजे मस्तूरी व सीपत ब्लॉक कार्यकर्ताओं से संवाद।
– दोपहर 4 बजे बिल्हा, तिफरा व पथरिया ब्लॉकों की बैठक।
12 अक्टूबर (रविवार):
– सुबह 11 बजे शहर के ब्लॉक 1, 2, 3 और 4 के पदाधिकारियों से रायशुमारी।
– देर शाम तक जुड़े ब्लॉकों की समीक्षा और संभावित नामों की छंटनी।
13 अक्टूबर (सोमवार):
– मुंगेली में नगर, जरहागांव और पथरिया ब्लॉकों की बैठक।
– इसके बाद लोरमी व डिंडौरी ब्लॉक नेताओं से मुलाकात।
– शाम को तिवरता आश्रम यात्रा कर पुनः बिलासपुर लौटेंगे।
इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष की ताजपोशी इन रायशुमारी परिणामों और पर्यवेक्षक की रिपोर्ट पर होगी।

दावेदारों की सूची: हावी हो सकते हैं नए चेहरे

संभावित नाम वर्ग / पहचान बहस का केंद्र आशीष सिंह सामान्य वर्ग संगठन में सक्रियता और युवा छवि लक्ष्मीनाथ साहू पिछड़ा वर्ग तिफरा ब्लॉक में सफल नेतृत्व प्रमोद नायक पिछड़ा वर्ग पिछड़ा श्रेणी से प्रतिनिधित्व की डिमांड

वर्तमान अध्यक्ष विजय की वापसी की गुंजाइश अब कम होती जा रही है, क्योंकि इस बार संगठन पक्ष जाति-संतुलन और नए चेहरों को तरजीह देना चाहता है।

ब्लॉक स्तर से आ रही संकेत और संगठन की रणनीति

यह स्पष्ट है कि सिंघार, प्रत्येक ब्लॉक कमेटी, मोर्चा संगठनों, पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से गहन बातचीत करेंगे।
हर ब्लॉक से तीन संभावित नामों की सूची बनाने की दिशा में जोर है, ताकि आलाकमान चयन प्रक्रिया को सुगम बना सके।
सूत्रों का कहना है कि इस बार बिना किसी भेदभाव और समर्थन-प्रतिकूल समीक्षा के निर्णय लेना चुनौती होगी।

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