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सिम्स में तेज़ बुखार–सर्दी के मरीजों की बढ़ी संख्या

अधीक्षक की चेतावनी भरा संदेश–ठंड में लापरवाही बन सकती है निमोनिया का बड़ा कारण

बिलासपुर । बढ़ती ठंड के साथ अब अस्पतालों में मरीजों की भीड़ तेज़ी से बढ़ने लगी है। सबसे ज़्यादा मामले उन लोगों के सामने आ रहे हैं जिन्हें तेज़ बुखार के साथ गले में खराश, उसके बाद ठंड-जुकाम की शिकायत होने लगी है। सिम्स अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि खास तौर पर रात में खुले में रहने वाले, मजदूरी करने वाले और ठंड के सीधे संपर्क में आने वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह ने चेतावनी दी है कि जो बुखार और सर्दी तीन दिनों में ठीक नहीं हो रहे, उनमें निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है—इसलिए लक्षण दिखते ही इलाज में देरी न करें….

बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में ठंड का असर साफ दिखने लगा है। तेज़ी से गिरते तापमान के बीच तेज़ बुखार, गले में खराश और सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज़्यादा दर्ज की जा रही है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक ऐसे मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह के अनुसार सबसे ज़्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो देर रात तक बाहर रहते हैं या रात के समय ठंड की सीत-लहर के सीधे संपर्क में आते हैं। वे बताते हैं कि अधिकतर मरीज तीन दिन के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन जिनका बुखार और सर्दी कम नहीं हो रही, उनमें संक्रमण नीचे उतरकर निमोनिया का रूप ले सकता है—जो इस मौसम में बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।डॉ. सिंह का कहना है कि मौसमी बीमारियों को लेकर लोगों में अभी भी लापरवाही बनी हुई है। कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर घर पर ही इलाज करने की कोशिश करते हैं, जबकि तेज़ बुखार, बदन दर्द, खांसी या गले में खराश जैसे संकेतों को बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि ठंड से बचाव ही फिलहाल सबसे प्रभावी सुरक्षा है—गर्म कपड़े पहनना, रात में बाहर निकलने से बचना और अचानक तापमान में बदलाव से खुद को बचाए रखना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी तरह की देरी स्थिति को गंभीर बना सकती है, इसलिए बुखार या सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।

वर्जन
मौसम बहुत खतरनाक है।इसमें लोगो को ध्यान रखना जरूरी है।नहीं तो बीमार हो जाएंगे।

डॉ लखन सिंह
अधीक्षक सिम्स अस्पताल

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