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सिम्स में ‘लक्ष्य’ सर्टिफिकेशन की तैयारी तेज, लेबर रूम की गुणवत्ता पर विशेष जोर

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने सिम्स ने शुरू किया लक्ष्य कार्यक्रम

बिलासपुर।सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को उच्च गुणवत्ता प्रदान करने के लिए भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम के तहत विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को प्रवेश से लेकर प्रसव तक बेहतरीन चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है। इसके तहत रिसेप्शन एरिया में महिला के आगमन पर उसकी प्रारंभिक जानकारी दर्ज की जाती है, तत्पश्चात उसकी स्थिति का तत्काल आंकलन कर ट्रायज एरिया में ले जाया जाता है। यहाँ मरीज की गंभीरता के अनुसार उन्हें रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। आवश्यकतानुसार मरीज को वार्ड में भर्ती किया जाता है या सीधे लेबर रूम में ले जाया जाता है। गंभीर स्थिति में ऑपरेशन की व्यवस्था की जाती है, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ‘लक्ष्य’ सर्टिफिकेशन के लिए सिम्स में 85 से अधिक मानकों पर समीक्षा की जा रही है, जिसके तहत चिकित्सा टीम की तत्परता, स्वच्छता, जल आपूर्ति, उपकरणों की उपलब्धता और प्रसव के दौरान मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है। इस प्रक्रिया का निरीक्षण राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, और 90% से अधिक स्कोर प्राप्त करने पर सिम्स को प्रतिष्ठित ‘लक्ष्य’ सर्टिफिकेशन से सम्मानित किया जाएगा। एमएस के नेतृत्व में इस दिशा में अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सिम्स को देश के सर्वश्रेष्ठ मातृ स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल किया जा सके…

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