Blog

सीएसआर की रिपोर्ट सामने आने के बाद डीआरएम समेत दो अफसर और नपे, हटाए गए अफसरों की संख्या हुई चार

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास 4 नवंबर को हुए ट्रेन हादसे में सीएसआर की जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड पहुंचने के पश्चात कार्यवाहियों का सिलसिला शुरू हो गया है। सीनियर डीओपी को हटाने के बाद दूसरे दिन बिलासपुर रेल मंडल के डीआरएम राजमल खोईवाल और प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजमल खोईवाल को भी हटाते हुए उनका तबादला आदेश जारी कर दिया गया है। पिछले बीस दिनों में चार बड़े अफसरों को हटाया गया है। वही आगामी दिनों कुछ और बड़े अफसरों पर कार्यवाही की संभावना है।

दरअसल गेवरारोड–बिलासपुर मेमू रेल दुर्घटना मामले में सीआरएस बीके मिश्रा की रिपोर्ट सामने आने के बाद कार्यवाहियों का सिलसिला शुरू हो गया है। एक दिन पहले सीनियर डीओपी मसूद आलम को हटा दिया गया था। अब दूसरे दिन बिलासपुर रेल मंडल के डीआरएम राजमल खोईवाल और प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव कुमार बरनवाल का भी तबादला आदेश जारी कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने गुरुवार को आदेश जारी किया। मामले में डीओपी मसूद आलम से पहले प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी को भी हटाया जा चुका है।

साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट से मेमू चलवाने की वजह से हुए हादसे में लोको पायलट समेत 12 यात्रियों को मौत हो गई थी। 20 से ज्यादा यात्री घायल हुए। गेवरारोड से बिलासपुर आ रही मेमू लोकल ने 4 नंवबर को बिलासपुर से 6 किलोमीटर पहले लालखदान में खड़ी मालगाड़ी को जबरदस्त टक्कर मार दी थी। इस मामले में सीआरएस बीके मिश्रा ने तीन अलग–अलग चरण में जांच की। दुर्घटना की दूसरे ही दिन वे जांच करने पहुंचे और तीन दिन तक रहे। उसके बाद उन्होंने प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर, प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर और प्रिंसिपल चीफ मेकेनिकल इंजीनियर को कोलकाता बुलवाकर पूछताछ की थी। तीसरी बार में उन्होंने असि​स्टेंट लोको पायलट का बयान खुद लिया। इससे पहले जिस अफसर ने बयान लिया था उसमें उन्हें खामी नजर आ​ई थी। चूंकि लोको पायलट विद्यासागर साइको टेस्ट में फेल था उसके बाद भी प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव कुमार बरनवाल और सीनियर डीओपी मसूद आलम ने उसे मेमू चलाने की ड्यूटी दे दी थी। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही दो अफसरों पर कार्रवाई की जा चुकी है। 16 नवंबर को सबसे पहले सीनियर डीओपी मसूद आलम को लंबे अवकाश पर भेजा गया। दूसरा तबादला 3 दिसंबर को प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी का किया गया। 10 दिसंबर को मसूद आलम की पोस्टिंग रेलवे इलेक्ट्रिक लोको शेड में की गई। इस बीच सीआरएस बीके मिश्रा ने जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड भेजी। इस रिपोर्ट में कई खामियां गिनाई गई हैं।

बोर्ड को रिपोर्ट मिलने के साथ ही गुरुवार को सबसे पहले डीआरएम बिलासपुर राजमल खोईवाल को हटाने का आदेश जारी किया। उनके स्थान पर वेस्टर्न रेलवे के उमेश कुमार को बिलासपुर का डीआरएम बनाया गया है। उसके बाद प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव बरनवाल का तबादला आदेश जारी कर ईस्ट सेंट्रल रेलवे भेजा गया। उनके स्थान पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे के प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर आरके चौ​धरी का तबादला साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे बिलासपुर किया गया है।

जोनल मुख्यालय में मची खलबली:–

मेमू रेल हादसे की सीआरएस रिपोर्ट आने के बाद रेलवे बोर्ड ने जिस तरह से कार्रवाई करते हुए डीआरएम सहित चार बड़े अफसरों को हटाया उससे बिलासपुर जोनल मुख्यालय में खलबली मच गई है। चर्चा है कि कुछ और बड़े अफसरों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *