सीपत में गौशाला और डॉग शेल्टर की मांग

नागरिक बोले, अब सिर्फ़ एनटीपीसी से ही उम्मीद
बिलासपुर। सीपत क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर अब स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन गंभीर हो गए हैं। सीपत क्षेत्र के नागरिकों ने एनटीपीसी सीपत प्रबंधन से क्षेत्र में गौशाला एवं डॉग शेल्टर होम के निर्माण की मांग की है। इसके लिए एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक विजय कृष्ण पांडेय को एक औपचारिक आवेदन सौंपा गया है, जिसमें यह निर्माण सीएसआर मद के तहत कराने का आग्रह किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि सीपत रोड पर रोजाना आवारा मवेशियों के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। कई बार दुर्घटनाओं में गौमाताओं की मौत और आम लोगों को भी चोटें लग रही हैं। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में गौशाला का न होना बताया गया है।
गौशाला के अभाव में पशु खुले में घूमते रहते हैं और अक्सर सड़कों पर हादसों का शिकार बनते हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि लावारिस कुत्तों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। सड़कों और कॉलोनियों में घूमते कुत्ते
न सिर्फ लोगों को डराते हैं बल्कि कई बार काटने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में डॉग शेल्टर होम का निर्माण अति आवश्यक बताया गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपने प्रस्ताव में सुझाव दिया है कि नवाडीह से एनटीपीसी कॉलोनी जाने वाले मार्ग के दोनों ओर एनटीपीसी द्वारा लगाए गए जंगल को चारदीवारी से घेरकर उसके अंदर दो एकड़ क्षेत्र में गौशाला और शेड निर्माण किया जा सकता है, जबकि शेष क्षेत्र को चारागाह के रूप में विकसित किया जाए। इससे जंगल भी सुरक्षित रहेगा और अलग से भूमि की आवश्यकता भी नहीं होगी। साथ ही यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि गौशाला में बरसात के दिनों के लिए शेड, पशुओं के पीने हेतु बोरवेल और चारा भंडारण के लिए बड़ा गोदाम बनाया जाए। वहीं डॉग शेल्टर होम में शेड, बिजली-पानी की सुविधा और गार्ड रूम का निर्माण कराया जाए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शेल्टर होम और गौशाला बन जाने से सीपत क्षेत्र कुत्ता-मुक्त और दुर्घटना-मुक्त बन जाएगा। इससे न केवल बेजुबान पशुओं को सुरक्षित ठिकाना मिलेगा, बल्कि सड़क हादसे भी कम होंगे।