सीपत; NTPC में राखड़ लोडिंग के दौरान दर्दनाक हादसा..ट्रेलर चालक की दबकर मौत, मर्डR की आशंका..मुआवजे को लेकर 5 घंटे तक चला हंगामा!

बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत के एस डाइक-2 ग्राम राख में राखड़ लोडिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ग्राम घुठेली मेला, जिला मुंगेली निवासी 38 वर्षीय ट्रेलर चालक रामखिलावन महिलांगे का शव मंगलवार रात ट्रेलर में राखड़ के नीचे दबा हुआ मिला। चालक सोमवार से लापता था। शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

जानकारी के मुताबिक मृतक रामखिलावन हाल ही में शांति नगर सकरी स्थित ससुराल में रह रहा था और बीते दो महीने से मोनू राजपाल कंपनी में ट्रेलर चलाता था। वह प्रतिदिन ग्राम राख के राखड़ डैम से पत्थलगांव राखड़ ले जाने का काम करता था। सोमवार देर रात करीब 1 बजे रामखिलावन राखड़ लोडिंग के लिए डैम पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि ट्रेलर के डाले पर चढ़कर तिरपाल निकालते समय चैन माउंटिंग मशीन के ऑपरेटर ने ट्रॉली में राखड़ डाल दी।

आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान रामखिलावन राखड़ में दब गया। रातभर उसकी तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। उसका मोबाइल ट्रेलर के केबिन में ही मिला। मंगलवार को मस्तूरी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। संदेह गहराने पर सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और मस्तूरी थाना प्रभारी हरीशचंद्र टांडेकर मौके पर पहुंचे।

मंगलवार रात करीब 10:30 बजे ग्रामीणों की मदद से ट्रेलर में भरी राखड़ खाली कराई गई, तब जाकर चालक का शव राखड़ के नीचे दबा मिला। घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़ गए। जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू, राख सरपंच विक्रम सूर्यवंशी के नेतृत्व में लोगों ने एनटीपीसी और गाड़ी मालिक को मौके पर बुलाने की जिद की।

करीब 5 घंटे तक एसडीएम प्रवेश पैकरा, तहसीलदार सोनू अग्रवाल, सीएसपी सिद्धार्थ बघेल, सीएसपी लालचंद मोहले और थाना प्रभारी सहित पुलिस बल को मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार पुलिस प्रशासन ने गाड़ी मालिक से तत्काल 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि परिजनों को दिलाई, तब जाकर मामला शांत हुआ।

पुलिस जांच जारी, मर्डर की भी आशंका…..
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीपत पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे या मर्डर समेत सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया…….
मृतक रामखिलावन महिलांगे के पीछे परिवार में तीन छोटे-छोटे बच्चे रह गए हैं। सबसे बड़ा बेटा देवराज महज़ 11 साल का है, दूसरा बेटा तिलक 9 साल का और सबसे छोटा बेटा लक्ष्य सिर्फ़ 6 साल का है। परिजनों ने बताया कि सोमवार शाम करीब 5 बजे रामखिलावन की आख़िरी बार घरवालों से बात हुई थी, उस वक्त वह जयरामनगर में ट्रेलर का टायर बनवा रहा था। इसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
एनटीपीसी सीपत पर वादाखिलाफी का आरोप, जनप्रतिनिधियों ने 5 घंटे किया जोरदार हंगामा……
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एनटीपीसी प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। घटना के बाद परिजनों को न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर 5 घंटे तक जमकर विरोध प्रदर्शन किया।