सीयू के कुलपति की बेइज्जती, बिना डिग्री बांटे वापस लौटे उपराष्ट्रपति,अपने साथ राज्यपाल और तोखन को भी ले गए

बिलासपुर।गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कुलपति आलोक चक्रवाल की घोर बेज्जती हुई है। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि देश के उपराष्ट्रपति जगदीश धनकड़ बिना किसी को उपाधि दिए लौट गए। वो समारोह में आए दीप प्रज्वलन किया, भाषण भी दिया और पौधा लगाकर वापस दिल्ली के लिए उड़ गए। अपने हाथ से किसी को भी न तो डिग्री दिया और न ही मेडल दिया। सामने बैठे स्टूडेंट और शोधार्थी मुंह ताकते रह गए।

गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दीक्षांत समारोह में कोई मुख्य अतिथि बनकर आए और बिना किसी को मेडल या उपाधि दिए वापस लौट गए हों। जी हां उप राष्ट्रपति जगदीश धनकड़ बतौर मुख्य अतिथि दीक्षांत समारोह में आए। उनका हेलीकाफ्टर ठीक समय पर कैंपस में लैंड कर गया था। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला उनके अगुवानी करने के लिए पहुंच गए थे। हेलीकॉप्टर से उतरते ही सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। श्री धनकड़ ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया और कुशलक्षेम पूछा। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल की बढ़े और बीच में यूनिवर्सिटी कैंपस में पौधे रोपे। फिर सभी अतिथि मंच पर आए और विधिवत दीक्षांत समारोह शुरू हुआ। पहले कुलपति ने स्वागत भाषण दिया फिर राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत अतिथियों ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम के अंत में उप राष्ट्रपति जगदीश धनकड़ को बोलने के लिए आमंत्रित किया गया। श्री धनकड़ ने छात्रों और शोधार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए लगभग 40 मिनट का उद्बोधन दिया। इसके बाद बाद वे दिल्ली वापस जाने के लिए निकल गए। यही नहीं जाते जाते वे अपने साथ राज्यपाल रमेन डेका और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू को भी अपने साथ ले गए। मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति जगदीश धनकड़ अपने हाथ से न तो किसी शोधार्थी को उपाधि दी और न ही मेरिट में आए किसी छात्र छात्राओं को मेडल दिया। कुल मिलकर कुलपति का ये दीक्षांत समारोह फ्लॉप शो साबित हुआ है