सूटकेस में मिली लाश का हुआ खुलासा, अधिवक्ता दंपत्ति सहित 4 गिरफ्तार

किसकी और क्यों हुई हत्या ?
रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में सूटकेस के अंदर जो लाश मिली थी उसका खुलासा हो गया है। मृतक का नाम किशोर पैकरा है और मारने वाले आरोपी पेशे से अधिवक्ता अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा है। हत्या के पीछे जमीन का सौदा, पैसे का लेन-देन और कमीशन का मामला सामने आया है।
हत्या के आरोप में आरोप में अधिवक्ता अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा को पुलिस दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर ले आई है। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उन्होंने किशोर पैकरा की जमीन को 30 लाख रुपए में बिकवाया था। इस सौदे में अंकित उपाध्याय को 2 लाख रुपए कमीशन के तौर पर मिले थे। हत्या की यह वारदात उस समय सामने आई जब हांडीपारा निवासी और विकलांग किशोर पैकरा का शव इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में एक सूटकेस के अंदर मिला था। मृतक किशोर पैकरा हत्याकांड में पुलिस की जांच ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। आरोपी वकील अंकित उपाध्याय ने अपनी पत्नी शिवानी शर्मा के साथ मिलकर 15 से 20 दिन पहले हत्या की योजना बनाई थी। हत्या को सुनियोजित तरीके से अंजाम देने के लिए योजना बनाई गई और सबूत मिटाने की भी पूरी तैयारी की गई थी। घटना दिनांक 21 जून की सुबह अंकित उपाध्याय ने किशोर को घर बुलाया फिर उसे पोहा और चना खिलाया। जैसे ही वह खाना खाकर असहाय स्थिति में आया, आरोपी दंपति ने उस पर हमला कर दिया। आरोपी अंकित और उसकी पत्नी शिवानी ने मिलकर किशोर की पहले गला दबाया फिर सिर पर वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद अंकित ने अपनी मां को फोन कर वारदात की जानकारी दी जो पुलिस जांच में दर्ज है। मामले की जड़ मृतक किशोर की माता के नाम पर दर्ज विवादित जमीन को बताया जा रहा है। यह जमीन तिल्दा के पास रायखेड़ा-मडही क्षेत्र में है। किशोर ने इसका सौदा 30 लाख रुपए में कराया था। इस डील में वकील अंकित उपाध्याय को 2 लाख रुपए कमीशन मिला था। इसके अलावा, किशोर ने वकील को कानूनी कामकाज और निवेश के नाम पर 18 लाख रुपए दिए थे, जिसमें से 10 लाख की राशि वकील ने किशोर को वापस लौटा दी थी। बचे हुए 8 लाख और संपत्ति विवाद को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और यही विवाद हत्या में बदल गया।
हत्या के अगले दिन 22 जून को आरोपी दंपति ने शव को छिपाने के लिए एक संदूक और सीमेंट खरीदा। शव का वजन अधिक होने के कारण उसे अकेले ठिकाने लगाना मुश्किल था, तो उन्होंने अपने दो सहयोगी विनय यदु और सूर्यकांत यदु को बुलाया और उन्हें पूरी साजिश में शामिल किया। शव को ठिकाने लगाने से पहले आरोपियों ने घटनास्थल की सफाई की, खून के निशान मिटाए और सबूतों को छिपाने की हरसंभव कोशिश की। पुलिस ने वकील अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। उसके दो सहयोगी को भी रायपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उन्होंने हत्या की योजना, तरीके और बाद की गतिविधियों को कबूल कर लिया है। जांच में सामने आया है कि मृतक किशोर पैकरा ने अपनी कुछ विवादित जमीनों के निपटारे और अन्य कानूनी मामलों के लिए वकील अंकित उपाध्याय की सेवाएं ली थीं। बताया गया कि एक मामले के निपटारे के लिए अंकित ने किशोर से 10 रुपए मात्र की औपचारिक शुल्क लिया था, जिससे किशोर को भरोसा हो गया था। बाद में अंकित और उसकी पत्नी ने किशोर को विभिन्न निवेश योजनाओं का झांसा देकर करीब 18 लाख रुपए अलग-अलग माध्यमों से ले लिए। जब किशोर पैकरा को पैसे की जरूरत पड़ी और उसने अंकित से रकम वापस मांगी तो वकील और उसकी पत्नी ने दबाव में आकर उसे रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार हत्या की योजना पूर्व नियोजित और सुनियोजित थी। हत्या से पहले आरोपियों ने इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित एक मकान को विशेष रूप से इसके लिए चुना, ताकि वारदात के बाद उन्हें पकड़ा न जा सके। किशोर को किसी बहाने से वहां बुलाया गया और फिर गला दबाकर और सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे मामले की परतें खुलती गईं। डी.डी. नगर थाने में चारों के खिलाफ धारा 103(1), 238क, 61(2), 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त अल्टो कार, दो दोपहिया वाहन, पांच मोबाइल फोन, ट्रॉली बैग, टिन पेटी, चाकू और खून लगे टॉवेल समेत अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।