सूरज का परिवार बोला,ये आत्महत्या नहीं,हत्या है….सूरज की मौत पर उठा सवाल,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

जयरामनगर में संदिग्ध मौत की गूंज
बिलासपुर । मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम जयरामनगर में हुई एक संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 3 जून को सूरज वस्त्रकार नाम के युवक की घर के कमरे में फांसी पर लटकी हुई लाश मिली थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर मामला दर्ज कर लिया, लेकिन अब परिवार ने इसे हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।जिसमें बारीकी से जांच करने दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
जनदर्शन में पहुंचे मृतक के परिजनों ने जिला और पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सूरज ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है। परीजन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि सूरज के सिर पर किसी भारी वस्तु से मारे जाने जैसे गंभीर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जो मामले को पूरी तरह संदिग्ध बनाते हैं।परिजनों का शक सूरज की पत्नी और उसके मायके पक्ष पर गया है। क्योंकि सूरज की शादी मौत से केवल एक महीने पहले ही हुई थी। परिवार का आरोप है कि सूरज की पत्नी, उसके भाई और भाभी ने मिलकर घटना को अंजाम दिया हो सकता है।परिजनों ने मांग की है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर पूरी सच्चाई सामने लाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है। मामला गंभीर है और ग्रामीण अब न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
*पोस्टमार्टम ने बढ़ाई रहस्य की परत-सूरज के सिर पर मिले गंभीर चोट के निशान*
सूरज की मौत को लेकर अचानक उठे सवाल पर जिला और पुलिस प्रशासन भी अचंभित है।इसमें परिजन साफ कह रहे
है कि मामला हत्या का है और इसकी एक बार फिर से बारीकी से जांच होनी चाहिए।ताकि हकीकत का पता चल सके।जबकि हमने कई बार इसके लिए पुलिस के पास शिकायत की और जांच करने की मांग किए थे।लेकिन हर बार मामले की जांच करने का आश्वासन दे देकर भेज दिया जाता था।
*युवक के सा हुई है मारपीट,फिर की गई है हत्या*
परिवार का आरोप है कि घटना स्थल की स्थिति देखने से यह स्पष्ट होता है कि युवक के साथ मारपीट की गई थी। मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था, जिसे परिवार ने झूठा बताया है। परिजनों का दावा है कि नोट दो अलग-अलग रंग की स्याही से लिखा गया है और मृतक की लिखावट से मेल नहीं खाता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नोट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार कर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
*मोबाइल का काल डिटेल और लोकेशन की होनी चाहिए जांच*
परिवार का कहना है कि मोबाइल फोन की जांच से कई अहम खुलासे हो सकते हैं,परिजन इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिजन और शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की स्थिति और सुसाइड नोट की संदिग्धता यह साबित करती है कि मौत प्राकृतिक नहीं थी।