अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण : कृषि छात्रों ने किया केंद्रीय महिला कृषि संस्थान एवं भारतीय जल प्रबंधन संस्थान का अवलोकनबैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर की अभिनव पहल

भुवनेश्वर, – कृषि शिक्षा को व्यवहारिक, प्रासंगिक और उद्योगोन्मुखी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर तथा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, लोरमी-मुंगेली के बी.एससी. (कृषि) तृतीय वर्ष के कुल 47 छात्र-छात्राओं का एक दल इन दिनों अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर है। यह भ्रमण कार्यक्रम छात्रों के पाठ्यक्रम AHPD-5321 (Educational Tour/Field Visit) के अंतर्गत आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को देश के प्रमुख कृषि अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थानों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है।

भ्रमण का तीसरा पड़ाव – महत्वपूर्ण संस्थानों का अवलोकन
भ्रमण के तीसरे चरण में, दिनांक 25 जून 2025 को छात्रगण ने ओडिशा राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित देश के प्रमुख कृषि एवं विज्ञान संस्थानों का दौरा किया। इस चरण में निम्नलिखित प्रतिष्ठित संस्थानों का अवलोकन किया गया:

आईसीएआर – केंद्रीय महिला कृषि संस्थान, भुवनेश्वर
इस संस्थान में छात्रों ने महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित कृषि अनुसंधान, महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने वाले मॉडल, और जेंडर-सेंसिटिव टेक्नोलॉजीज़ के बारे में जानकारी प्राप्त की। संस्थान की निदेशक डॉ. मृदुला देवी ने छात्रों को यह बताया कि कैसे संस्थान ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है।

राष्ट्रीय जल प्रबंधन संस्थान, भुवनेश्वर
संस्थान के निदेशक डॉ. ए.सड़ंगी एवं वैज्ञानिक डॉ. के. के.पंडा, डॉ. आर. के.पंडा, डॉ. एस. मोहंती व डॉ. एस. मिश्रा ने छात्रों को जल संसाधन प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों, जल उपयोग दक्षता, और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने हेतु विकसित की गई जल प्रबंधन रणनीतियों से अवगत कराया। संस्थान में प्रदर्शित विभिन्न मॉडल एवं अनुसंधान परियोजनाएं छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहीं।
कृषि महाविद्यालय, भुवनेश्वर
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.एच. के. पात्रों ने भ्रमण दल का गर्म जोशी से स्वागत किया । छात्रों ने यहां की शिक्षण व्यवस्था, प्रयोगशालाएं, फील्ड यूनिट्स और विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया। दोनों संस्थानों के छात्रों के मध्य संवाद भी आयोजित किया गया जिससे शैक्षणिक अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।
शैक्षणिक समृद्धि और व्यवहारिक दृष्टिकोण का सशक्त संयोजन
यह भ्रमण छात्रों के लिए न केवल जानकारीवर्धक रहा, बल्कि कृषि विज्ञान के विभिन्न आयामों को प्रत्यक्ष रूप से समझने में भी सहायक सिद्ध हुआ। भ्रमण के दौरान विषय विशेषज्ञों से मिले मार्गदर्शन एवं संवाद से छात्रों में अनुसंधान के प्रति रुचि एवं नवाचार की भावना विकसित हुई।
भविष्य के कृषि नेतृत्व को मिल रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस प्रकार के भ्रमणों से न केवल छात्रों की शैक्षणिक समझ में विस्तार होता है, बल्कि उन्हें देश की विविध कृषि चुनौतियों और समाधान विधियों को समझने का अवसर भी प्राप्त होता है। यह पहल छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और राष्ट्र स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की दिशा में एक अनुकरणीय कदम है।