सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एनएसयूआई की एंट्री, सुजल द्विवेदी बने अध्यक्ष

छात्र राजनीति में बदले समीकरण, एबीवीपी को मिलेगी चुनौती
प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में एनएसयूआई
छात्रों के मुद्दों को उठाने के लिए संगठन ने बढ़ाई सक्रियता
बिलासपुर। प्रदेश की एकमात्र सेंट्रल यूनिवर्सिटी गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। अब तक विश्वविद्यालय में एबीवीपी और ब्रदरहुड पैनल का प्रभाव रहा है, लेकिन अब एनएसयूआई ने भी अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए संगठनात्मक विस्तार शुरू कर दिया है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की अनुशंसा और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय की सहमति से सुजल द्विवेदी को गुरु घासीदास विश्वविद्यालय का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में नया समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्रों में असंतोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा कई मामलों में मनमानी की जा रही है और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर संगठन बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है।

छात्रों की आवाज बुलंद करेगी
एनएसयूआई
प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने कहा कि एनएसयूआई छात्रों की आवाज को बुलंद करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सुजल द्विवेदी की नियुक्ति से संगठन को मजबूती मिलेगी और विश्वविद्यालय में छात्रहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। इस नियुक्ति के बाद विभिन्न छात्र संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा और सक्रियता बढ़ने की संभावना है।