जिला पंचायत की बैठक में हंगामा,धान खरीदी से अवैध उत्खनन तक मुद्दों की बौछार…
सामान्य सभा में गर्मी,अवैध खनन, धान खरीदी और शिक्षा विभाग पर तीखे सवाल….
शिक्षक शराब पीकर स्कूल आते हैं,जिला पंचायत की बैठक में बड़ा खुलासा….
जिला पंचायत अध्यक्ष का आश्वासन-हर शिकायत पर होगी कार्रवाई….
धान खरीदी अव्यवस्था पर नाराजगी किसानों की तुलाई में भारी लापरवाही….
बिलासपुर ।जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आज दोपहर जमकर गहमा-गहमी के बीच संपन्न हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जिले की कई गंभीर समस्याओं को खुलकर उठाया—धान खरीदी की अव्यवस्थाओं से लेकर अवैध उत्खनन, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शराबखोरी तक…पूरा हॉल सवालों और आरोपों से गूंजता रहा।
बैठक की शुरुआत होते ही धान खरीदी का मुद्दा सबसे गर्म रहा। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है और कई केंद्रों में बिना जानकारी के लोगों को प्रभारी बना दिया जा रहा है। किसानों को समय पर तुलाई न होने और खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही के आरोप भी जमकर लगे।इसके बाद चर्चा पहुंची अवैध उत्खनन पर—जिले के कई घाटों में अवैध रेत उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। प्रतिनिधियों ने कहा कि रात-दिन चल रहे इस अवैध कारोबार पर प्रशासन की कार्रवाई बेहद कमजोर है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है?मस्तूरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में शिक्षक रोज शराब पीकर आते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। न सिर्फ ये, बल्कि कई गांवों में अब तक पर्याप्त स्कूल नहीं हैं और जहां स्कूल हैं वहां शिक्षकों की भारी कमी है।इसी दौरान विपक्ष ने एक और बड़ा आरोप लगाया—कहा गया कि उनके क्षेत्र के एक स्कूल प्राचार्य उन्हें सिर्फ इसलिए किसी भी स्कूल कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करते क्योंकि वे कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं। जनप्रतिनिधियों ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन बताया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। पूरी बैठक के दौरान माहौल कई बार तीखा हुआ, आरोप-प्रत्यारोप चले, और जनप्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी समस्याएँ जोरदार तरीके से उठाईं।जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सभी मुद्दों को गंभीरता से नोट किया गया है और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि समस्याओं के निराकरण में कोई देरी न हो। जिला पंचायत की यह सामान्य सभा भले ही गहमागहमी में बीती हो, लेकिन जनता की समस्याएँ बड़ी साफ़ और गंभीरता से सामने आई हैं। अब सवाल यह है कि उठाए गए मुद्दों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।और जिले की व्यवस्था में कितना सुधार आता है… यह देखने वाली बात होगी।