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स्कूलों में लापरवाही और विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर 3 जिलों के डीईओ से मांगी गई रिपोर्ट

– हाईकोर्ट ने राज्य के तीन अलग-अलग जिलों के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर संज्ञान लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग और संबंधित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट शपथ पत्र में मांगी हैं।

बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने मीडिया में प्रकाशित तीन अलग-अलग घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट व शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया है। अदालत ने साफ कहा कि मासूम बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रायपुर: मैदान में मलबा, बच्चों से खिंचवाई रस्सी:–

6 अगस्त को मीडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार एक स्कूल के मैदान में फैला मलबा और उसी बीच खेलते-घूमते बच्चे दिखाए गए थे। राज्य सरकार ने जवाब में कोर्ट को बताया कि मैदान से मलबा हटा दिया गया है और उसे उपयोग योग्य बना दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने हलफनामे में कहा कि 6 अगस्त को डीईओ रायपुर ने निरीक्षण कर मैदान को समतल करने और मलबा हटाने के निर्देश दिए थे। 7 अगस्त की रिपोर्ट के साथ साफ-सुथरे मैदान की तस्वीरें भी कोर्ट में प्रस्तुत की गईं। हाईकोर्ट ने रायपुर डीईओ को निर्देश दिया कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाते हुए नया शपथ पत्र दाखिल करें।

मुंगेली: जर्जर छत का प्लास्टर गिरा, दो छात्र घायल:–

9 अगस्त को मुंगेली जिले के ग्राम बरदुली स्थित प्राइमरी स्कूल में हादसा हुआ, जब कक्षा की छत का प्लास्टर अचानक गिरने से कक्षा 3 के दो छात्र घायल हो गए। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि घटना के बाद कलेक्टर और सीईओ मौके पर पहुंचे, बच्चों का इलाज कराया गया और उनका हालचाल लिया गया। कलेक्टर ने जर्जर भवन में कक्षाएं चलाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी समेत 6 अफसरों और प्रधान पाठकों को नोटिस जारी किया है। हाई कर्ट ने इस मामले में मुंगेली के डीईओ से भी शपथ पत्र मांगा है।

बिलासपुर: ट्रांसफार्मर बदलवाने में बच्चों से काम:–

13 अगस्त को मीडिया में बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक के चनाडोंगरी हाईस्कूल की फोटो स्टोरी में बिजली विभाग के कर्मचारी खराब ट्रांसफार्मर बदलते समय बच्चों से रस्सी खिंचवाते नजर आए। स्कूल प्राचार्य ने सफाई दी कि घटना के समय वे मीटिंग में थे। इस पर अदालत ने बिलासपुर डीईओ को इस मामले में भी शपथ पत्र पेश करने के आदेश दिए।

अदालत का सख्त संदेश:–

तीनों घटनाओं की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चों के जीवन और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई गंभीर अपराध है। अदालत ने कहा कि संबंधित डीईओ व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट और हलफनामा पेश करें, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।

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