स्वच्छता, जागरूकता और कृषि संवाद: एनएसएस शिविर में विविध गतिविधियों का आयोजन

बिलासपुर।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की एनएसएस इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत आज दिनांक 28 मार्च 2026 को ग्राम रामनगर कछार में विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक एवं जागरूकता गतिविधियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली विद्यार्थियों के लिए आयोजित हाथ धोने एवं नाखून काटने के प्रदर्शन से हुई। इस जागरूकता सत्र में स्वयंसेवकों ने बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया। सही तरीके से हाथ धोने की विधि तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित तरीके से नाखून काटने का प्रदर्शन कर बच्चों को दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में बीमारियों की रोकथाम एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इसके पश्चात “स्वच्छ भारत और प्लास्टिक मुक्त भारत” विषय पर एक जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। स्वयंसेवकों ने अमतरा गांव की गलियों में रैली निकालकर स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर छात्रों ने “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे नारों के माध्यम से संदेश प्रसारित किया। रैली के दौरान ग्रामीणों को प्लास्टिक के विकल्प अपनाने एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। दोनों गतिविधियों का नेतृत्व किरण वर्मा, सोमेश सेन, भाग्यश्री, ईशा पटेल, स्तुति गुप्ता, तनय बानी, सौम्या सेन, देवेन्द्र, उदित, सुशांत, गौतम, समीक्षा, गौरव एवं संध्या द्वारा किया गया।

भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी आद्या तिवारी, ख्याति राणा, रूद्र प्रताप सिंह, हितेश यादव, अभिसारिका एवं कुशल कुशवाहा द्वारा सफलतापूर्वक निभाई गई, जिससे शिविर में अनुशासन एवं सुव्यवस्था बनी रही।
दोपहर सत्र में प्रगतिशील कृषक के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्राम कछार के अनुभवी एवं प्रगतिशील कृषक श्री स्वप्निल अग्रवाल से विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने अपनी कृषि यात्रा, आधुनिक खेती के तौर-तरीकों, खेती में आने वाली चुनौतियों तथा अपने व्यावहारिक अनुभवों को विस्तार से साझा किया। विद्यार्थियों को फसल विविधीकरण, संसाधन प्रबंधन एवं नवाचार अपनाने के महत्व की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिससे उनके व्यावहारिक ज्ञान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
दिनभर आयोजित इन गतिविधियों ने न केवल स्वयंसेवकों के सामाजिक दायित्वों को सुदृढ़ किया, बल्कि ग्रामीण समुदाय के साथ उनके संबंधों को भी और अधिक मजबूत बनाया। कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स के मार्गदर्शन में आयोजित यह शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक संवेदनशीलता एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम अधिकारी ने स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी एवं समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों को न केवल समाज से जोड़ते हैं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं सेवा भावना का भी विकास करते हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से आगामी दिनों में भी इसी उत्साह के साथ सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।