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राज्य मानसिक अस्पताल के जीवनदीप समिति की बैठक में लिये गये कई निर्णय

बिलासपुर/संभागायुक्त सुनील जैन की अध्यक्षता में राज्य मानसिक चिकित्सालय सेन्दरी के जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मानसिक मरीजों की सुविधा के लिए कई निर्णय लिए गये। कमिश्नर जैन ने कहा कि पागलपन भी एक बीमारी है और इसका इलाज किया जा सकता है। इस संबंध में समाज में जनजागरूकता फैलाने के लिए एक कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से चर्चा कर अस्पताल मेें मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित जीवन दीप समिति के सदस्य जिला अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।


बैठक में बताया गया कि पिछली मीटिंग में लिये गये निर्णय के अनुसार मानसिक अस्पताल में ओपीडी सुविधा निःशुल्क किया गया है। प्रति माह इस अस्पताल में 1300 मरीज इलाज कराने पहुंचते है। पिछले एक साल में साढ़े 15 हजार लोगों ने मानसिक रोगों का उपचार करवाया है। इसी प्रकार एक साल में 1344 मरीजों को भर्ती कराकर उनका इलाज किया गया। आय-व्यय की जानकारी में बताया गया कि पिछले अप्रैल 2025 से 6 जनवरी 2026 तक अस्पताल को 2 करोड़ 86 लाख रूपए की आवक हुई है। इसमें से 1.17 करोड़ अस्पताल के कार्यों में खर्च हुई है। लगभग 92 लाख की रकम शेष है। इस राशि को ज्यादा ब्याज देने वाले बैंकों में जमा करने का निर्णय लिया गया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा अनुमोदन की प्रत्याशा में किये गये मजदूरी भुगतान सहित अन्य जरूरी खर्चे लगभग 9 लाख रूपए की कार्येत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई। बैठक में एजेण्डा के अनुरूप अस्पताल के लिए वाहन सुविधा, पानी की आपूर्ति, मनोरोग डॉक्टरों के लिए बैठक कक्ष, परिजन कक्ष, क्लीनिकल प्रशिक्षण शुल्क, भण्डार कक्ष में कूलिंग, वाटर कूलर, शेड आदि की व्यवस्था बाबत् विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जेपी आर्या ने पिछली बैठक में लिये गये निर्णय का पालन प्रतिवेदन पढ़कर सुनाया।

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