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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने की कार्रवाई…..नेशनल हाईवे जाम कर VDO बनाने वालों रईसजादों पर FIR,महंगी गाड़िया हुई जप्त…गिरफ्तारी की तैयारिया शुरू

साधारण लोगों को कान पकड़वाकर उठक बैठक करवाकर माफी मंगवाती है पुलिस

गलती करने वाले से माफी मांगने का वीडियो और फोटो खींच कर ग्रुप के डालती है पुलिस

क्या इस बार इन रईसजादों की तस्वीर और माफी का वीडियो आयेगा सामने या फिर हाईकोर्ट को फिर लेना होगा संज्ञान

बिलासपुर।हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद बिलासपुर पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित करने के मामले में त्वरित कार्रवाई की है। थाना सकरी क्षेत्र में वेदांश शर्मा एवं उसके साथियों ने अपने वाहनों को बीच सड़क पर खड़ा कर वीडियो शूट किया, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हुई।

वेदांश शर्मा और उसके साथी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जानबूझकर अपने वाहन खड़े कर रास्ता रोका और उसी दौरान सोशल मीडिया पर डालने के लिए वीडियो शूट किया। यह घटना न केवल यातायात के लिए बाधक बनी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की राह भी रोकी।

हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद पुलिस एक्शन में

इस घटना की जानकारी जब उच्च न्यायालय तक पहुँची, तो कोर्ट ने सार्वजनिक मार्गों को स्टंट या प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति पर गंभीर आपत्ति जताई। कोर्ट की सख्ती के बाद सकरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 126(2), 285, 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 495/25 दर्ज किया।

वाहन जब्त, गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी

पुलिस ने प्रकरण में शामिल सभी वाहनों को विधिवत जब्त कर लिया है और वेदांश शर्मा सहित उसके साथियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस की अपील

बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया लोकप्रियता के चक्कर में ऐसा कोई कार्य न करें जिससे सार्वजनिक व्यवस्था भंग हो। ऐसे मामलों में अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जानिए कानून क्या कहता है

धाराआशय126(2) सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करना अपराध है 285 लापरवाही से ऐसा कृत्य जो जान-माल को खतरे में डाले3(5)सरकारी कार्यों में बाधा डालना व आदेशों की अवहेलना

हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस ने जारी की विज्ञप्ति

वेदांश शर्मा एवं उसके साथियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर अपने वाहनों को बीच रास्ते में खड़ा कर जानबूझकर मार्ग को अवरुद्ध करते हुए वीडियो बनाया जा रहा था। जिससे आम जनता को आवागमन में कठिनाई हुई एवं यातायात बाधित हुआ। इस संबंध में सकरी थाना में अपराध क्रमांक 495/25 के तहत धारा 126(2), 285, 3(5) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में संलिप्त वाहनों की विधिवत जप्ती कर वेदांश शर्मा एवं उसके साथियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।

क्या था पूरा मामला

नेशनल हाईवे जामकर रील बनाने वाले रसूखदारों के सामने पुलिस के घुटने टेकने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा अन्य मामलों की तरह गाड़ियां क्यों नहीं जप्त की गई।

नेशनल हाईवे जामकर रील बनाने वाले रसूखदार युवाओं पर पुलिस द्वारा सिर्फ जुर्माना कर दिखावा की कार्रवाई करने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। मामले को स्वतः संज्ञान लेकर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने आज मामले में सुनवाई की। अदालत ने पूछा है कि पुलिस ने अन्य मामलों की तरह गाड़ियां जप्त करने और अन्य धाराएं कायम करने की कार्यवाही क्यों नहीं की?

दरअसल बिलासपुर में नेशनल हाईवे जामकर रील बना अपनी रसूख का प्रदर्शन करने वाले रसूखदार युवाओं के सामने केवल दिखावे की कार्यवाही कर घुटने टेकने पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। नाराज चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने पूछा है कि इस मामले में मोटर व्हीकल एक्ट के अलावा अन्य धाराएं दर्ज क्यों नहीं की गई? सरकार से इस मामले में जवाब मांगा गया है।

रील बनाकर हीरो बनने की हेकड़ी निकली,ज्यादा होशियारी करने के चक्कर में युवक बना अपराधी

बिलासपुर–रतनपुर नेशनल हाईवे 130 जामकर पिछले दिनों कुछ युवाओं ने रील बनाई थी। रायपुर रोड स्थित टोयोटा शोरूम से फॉर्च्यूनर गाड़ी खरीदने के बाद बिलासपुर–रतनपुर मुख्य मार्ग में कोनी थाना क्षेत्र में गाड़ियों के काफिला को खड़ा कर पूरी सड़क जाम कर दी गई। जिसके चलते यातायात बाधित हुआ और लोगों को परेशानी हुई। इसके लिए बाकायदा स्टूडियो से फोटोग्राफर और ड्रोन कैमरा मंगा कर शूटिंग करवाई और धौंस जमाने वाले अंदाज में सोशल मीडिया में पोस्ट किया गया। सोशल मीडिया में ट्रोल होने के बाद उक्त आईडी बंद कर दी गई। दो दिनों तक यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होता रहा पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने दिखावे की कार्यवाही करते हुए सात गाड़ियों पर दो–दो हजार रुपए का चालान ही किया गया।

पुलिस ने रसूखदारों पर अपराध दर्ज करना नहीं समझा उचित

ना तो नेशनल हाईवे जाम करने पर बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया और ना ही अन्य मामलों की तरह पुलिस ने रसूखदार युवाओं का फोटो या फिर नाम सोशल मीडिया में जारी किया। पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में केवल 6 गाड़ियों पर 12 हजार रुपए जुर्माना करने का उल्लेख किया गया था। बाद में एक अन्य गाड़ी पर भी जुर्माना किया गया। पुलिस की इस कार्यवाही पर जमकर सवाल उठे थे और सोशल मीडिया में बिलासपुर पुलिस को ट्रोल किया गया था।

हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

उक्त मामले को हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। कॉज लिस्ट में 19 वें नंबर पर यह मामला लिस्ट किया गया था। लंच ब्रेक से पहले चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई। मामले में पुलिस की दिखावे की सिर्फ चालानी कार्रवाई करने पर चीफ जस्टिस जमकर नाराज हुए। नेशनल हाईवे जाम करने वाली महंगी गाड़ियों को जप्त नहीं करने पर बेंच ने सवाल उठाए। चीफ जस्टिस ने कहा कि अन्य मामलों में पुलिस गाड़ियां जप्त कर थाने में खड़ी करवा लेती है पर इस मामले में न तो गाड़ियां जप्त की गई और ना ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अन्य धाराएं लगाई गई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में पूछा है कि पुलिस ने क्या एक्शन लिया है और मोटर व्हीकल एक्ट के अलावा अन्य धाराएं लगाकर गाड़ी जप्त करने की कार्यवाही क्यों नहीं की गई? मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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