हाईवे के बीच हैंडपंप, जान जोखिम में डालकर भर रहे पानी

24 घंटे दौड़ती गाड़ियों के बीच पानी भरने को मजबूर लोग….
बिलासपुर।विकास की अंधी दौड़ में ग्रामीणों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। कोटा अंतर्गत जोगीसार गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग 45 के चौड़ीकरण के बाद एक हैंडपंप सड़क के ठीक बीचों-बीच आ गया है। हालात ऐसे हैं कि 24 घंटे व्यस्त रहने वाले हाईवे के बीच खड़े होकर ग्रामीणों को पानी भरना पड़ रहा है।
दरअसल जोगीसर के ग्रामीणों का कहना है कि मोहल्ले में पानी की भारी किल्लत है और यही हैंडपंप करीब 150 से 200 लोगों की प्यास बुझाने का एकमात्र सहारा है। सड़क बनगई, लेकिन पानी का कोई सुरक्षित विकल्प नहीं दिया गया। ऐसे में हर दिन दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामिणो के अनुसार प्रशासन ने विकल्प के तौर पर बोरिंग कराई थी, लेकिन वह सूखी निकल गई। तीन से चार जगह हैंडपंप की खुदाई भी हुई, पर कहीं पानी नहीं मिला। मजबूरी में लोग इसी पुराने स्रोत पर निर्भर हैं।
ग्रामीण बोले पहले पानी,फिर हटाओ हैंडपंप बिना विकल्प हटेगा नहीं हैंडपंप
सड़क चौड़ीकरण करने का काम किया जा रहा है।लेकिन काम करते हुए विभाग ये भी
तय नहीं के सका कि हैंडपंप को किनारे तरफ नया लगवाया जाए।ताकि ग्रामीणों को पानी मिल सकें।
इधर ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हैंडपंप नया नहीं लगेगा,तब तक
हैंडपंप को नहीं हटाया जायेगा।बल्कि सड़क भी नहीं बनने दिया जायेगा।चाहे तो इसके लिए सड़क पर उतरकर विरोध क्यों न करना पड़े।पूरे गांव के लोगो का विरोध है,गांव वालो की मांग है कि पहले पानी दिया जाए
तब हैंडपंप को हटाया जाए नहीं तो हैंडपंप को हटने नहीं दिया जायेगा।
वर्जन
विभाग लगातार नए स्रोत की तलाश कर रहा है। आसपास बोरिंग की जा रही है, जहां पानी मिलेगा, वहां नया हैंडपंप स्थापित किया जाएगा। उसके बाद ही पुराने हैंडपंप को हटाया जाएगा।
आरके खांबरा
कार्यपालन अभियंता
राष्ट्रीय राजमार्ग