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15 दिन से लापता 13 वर्षीय छात्र का शव बंद स्कूल में मिला, पुलिस से उम्मीद खोकर परेशान परिजनों ने एक लाख रुपए इनाम देने की थी घोषणा

13 वर्षीय स्कूली छात्र 15 दिनों से लापता था। परिजनों ने इसकी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पर पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती और 15 दिनों तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा पाई। परेशान परिजनों ने पुलिस से उम्मीद खो बच्चे का पता बताने वाले को एक लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की थी। आज बच्चे का शव गांव के बंद पड़े पुराने स्कूल में क्षत– विक्षत हालत में मिला है।

बिलासपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरारी में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब 15 दिनों से लापता 13 वर्षीय छात्र चिन्मय सूर्यवंशी का शव गांव के ही एक बंद पड़े पुराने स्कूल भवन में क्षत-विक्षत हालत में मिला। पुलिस को प्रारंभिक जांच में आशंका है कि मासूम की हत्या करने के बाद शव को यहां छिपाया गया था। इस वारदात ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है।

31 जुलाई से था लापता:–

भरारी निवासी संजय सूर्यवंशी और कल्पना सूर्यवंशी का 13 वर्षीय पुत्र चिन्मय सूर्यवंशी, एक स्कूली छात्र था। 31 जुलाई की शाम करीब 4.30 बजे वह घर से निकला था, लेकिन देर रात तक लौटकर नहीं आया। परिजनों ने उसे आसपास के इलाकों, खेतों, नालों, रिश्तेदारों के घरों और परिचितों के यहां ढूंढा, पर कोई पता नहीं चला। इसके बाद रतनपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

परिजनों को शुरू से था अपहरण का संदेह:–

चिन्मय के परिवार को पहले दिन से ही डर था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। इस आशंका के चलते वे लगातार रतनपुर थाना और बिलासपुर एसपी कार्यालय के चक्कर काटते रहे, ताकि पुलिस तेजी से कार्रवाई करे। बावजूद इसके, खोजबीन में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पुलिस पर इस मामले में लापरवाही का आरोप परिजनों ने लगाया है।

निराशा में किया इनाम का ऐलान:–

लगातार पुलिस की नाकामी के बाद उम्मीद खोकर परिजनों ने स्वयं बच्चे की खोज में जुटने का निर्णय लिया। उन्होंने चिन्मय की तस्वीर और विवरण वाले पम्पलेट छपवाकर गांव और आसपास के इलाकों में चस्पा किए, साथ ही सोशल मीडिया पर भी अपील की। परिवार ने घोषणा की कि जो भी चिन्मय को सुरक्षित लौटा देगा या उसकी जानकारी देगा, उसे एक लाख रुपये इनाम दिया जाएगा। वहीं क्षेत्रीय विधायक सुशांत शुक्ला भी इस बीच परिजनों से मिले थे और उन्हें बच्चे के जल्द सकुशल लौटने का आश्वासन दिया था।

बदबू से खुला राज:–

गुरुवार सुबह गांव के कुछ लोगों को पुराने स्कूल भवन की तरफ से तेज दुर्गंध महसूस हुई। संदेह होने पर वे पास गए और दरवाजा खोलने की कोशिश की, जहां एक कमरे में चिन्मय का शव पड़ा मिला। शव पूरी तरह डिकम्पोज हो चुका था और हालत देखकर साफ लग रहा था कि उसकी मौत कई दिन पहले हो चुकी थी।

पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर:–

घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। महात्मा की सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा भी मौके पर पहुंची। टीआई नरेश चौहान के अनुसार, शव के हालात और घटनास्थल को देखते हुए हत्या की आशंका मजबूत है। फोरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के कारण और समय का सही पता चल सके।

10 महीने से बंद था स्कूल:–

गांव के पुराने स्कूल भवन को करीब 10 महीने पहले बंद कर दिया गया था, जब नया स्कूल भवन बनकर तैयार हो गया था। तब से यह भवन बिना उपयोग के बंद पड़ा था और इधर लोगों का आना-जाना भी कम हो गया था, जिससे संभव है कि अपराधियों ने इसे शव छिपाने के लिए चुना।

गांव में दहशत और गम का माहौल:–

चिन्मय की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने दिनों से बच्चा लापता था, लेकिन पुलिस ने शुरुआती दिनों में खोजबीन में पर्याप्त सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

मामले में एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा ने बताया कि ” बच्चे के गुमने की शिकायत मिलने के साथ ही अपहरण का अपराध दर्ज कर पुलिस खोजबीन में जुटी थी। टेक्निकल एविडेंस के आधार पर भी तलाश जारी थी। इसके अलावा परिजनों के द्वारा जिन-जिन के ऊपर संदेश व्यक्त किया जा रहा था उनसे भी लगातार पूछताछ की जा रही थी। बच्चा एक मोबाइल लेकर गया था जिसकी लोकेशन भी तलाश की जा रही थी। घटना के बाद कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।”

मोबाइल की वजह से हत्या की आशंका:–

गांव वालों से मिली जानकारी के अनुसार चिन्मय उस दिन अपने पिता की मोबाइल लेकर निकला था और अपने एक दोस्त के साथ घूमते दिखा था। उसके दोस्त के मोबाइल मांगने पर उसका विवाद हो गया। आशंका है कि उसके दोस्त ने ही मोबाइल के लिए उसकी हत्या की होगी। घटना स्थल से पुलिस ने एक पुराने लोहे की संदूक भी बरामद की है। गांव वालों को आशंका है कि चिन्मय के सर को संदूक से पटक कर हत्या की गई है। शव के आसपास की मिट्टी भी जप्त की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल का लास्ट लोकेशन सेमरताल में मिला था। चिन्मय से मोबाइल लूटने वाला मोबाइल बेचने दुकान गया था वहां मोबाइल को चालू करने पर उसका लास्ट लोकेशन मिल गया था। लोकेशन के आधार पर पुलिस जांच कर रही थी। पर इस बीच आरोपी मिलने से पहले बच्चे का शव मिल गया।

फिलहाल पुलिस सभी संभावित कोणों से जांच कर रही है, जिसमें अपहरण, आपसी रंजिश और अन्य आपराधिक कारण शामिल हैं। कुछ संदेही भी हिरासत में लिए गए हैं।

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