पेड़ों में लटके तार बने खतरा, हर आंधी में बिजली और जान पर संकट

सड़क किनारे मौत का इंतज़ार कर रहे हैं पेड़, लटके तार दे रहे खतरे का संकेत
बिलासपुर । शहर की सड़कों के किनारे सालों से खड़े जर्जर पेड़ों में अब बिजली के तार और केबल लटक रहे हैं, जो खतरे को और भी बढ़ा रहे हैं। तेज हवाएं और आंधी चलने की स्थिति में ये पेड़ कभी भी धराशायी हो सकते हैं, जिससे इन पर लटके तारों के टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है और जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। कालोनियों, खाली पड़ी जमीनों और मुख्य सड़कों के किनारे इन पेड़ों की हालत बेहद खराब है। गर्मी के मौसम में तेज हवाओं के चलते इन पेड़ों की शाखाएं टूट रही हैं, जिससे तारों को भी नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव के साथ चलने वाली तेज हवाएं इन पेड़ों को गिरा सकती हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले राहगीरों, बाइक चालकों और साइकिल सवारों की जान खतरे में पड़ सकती है। बता दें कि, शहर के रिंग रोड, कलेक्ट्रोरेट, मुंगेलीनाका चौक, रेलवे रोड और कोनी रोड जैसी व्यस्त सड़कों पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। इन मार्गों पर खड़े पेड़ों में लटके तार कभी भी टूटकर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। हाल ही में आए आंधी-तूफान में कई पेड़ गिर चुके हैं और कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
बारिश का मौसम भी अब दूर नहीं है। ऐसे में अगर इन पेड़ों में लटके तारों को समय रहते नहीं हटाया गया, तो यह एक बड़ी समस्या बन सकता है। जानकारों की मानें तो वन विभाग और नगर निगम को मिलकर इस दिशा में समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।