2 सालों से ठेकेदारों को भुगतान नहीं हमसे ठेकेदारों ने बिजली ऑफिस में जड़ा ताला

चोंगा में चिल्लाया हमारी मांगे पूूरी करों
बिलासपुर। दो सालों से भुगतान नहीं होने से परेशान बिजली विभाग के ठेकेदारों ने आज दफ्तर का घेराव कर ताला जड़ दिया। इस दौरान ठेकेदारों ने जमकर नारेबाजी की। जल्द ही भुगतान के आश्वासन के बाद धरना स्थगित हुआ।
दरअसल बिजली विभाग में दो वर्षों से लंबित भुगतान के लिए ठेकेदारों ने आज बिजली दफ्तर का घेराव किया। तिफरा स्थित सीएसपीडीसीएल के कार्यालय में घेराव कर ठेकेदारों ने कार्यालय में ताला जड़ दिया। इस दौरान भुगतान के लिए ठेकेदारों ने जोरदार हंगामा मचाते हुए नारेबाजी की।

बिलासपुर सीएसईबी रीजन अंतर्गत पूरा बिलासपुर संभाग आता है। यहां बिजली विभाग के ठेकेदारों के अनुसार पिछले दो से तीन वर्षों से उन्हें कार्यों का भुगतान नहीं हो रहा है। अधिकारी किसी ने किसी वजह से कोई कारण बता कर भुगतान अटका दे रहा है। जबकि कोई भी विषम परिस्थितियों में हमारे द्वारा कभी कार्य के लिए मना नहीं किया जाता। आंधी बारिश में कही खंभा गिर जाए या ट्रांसफार्मर उड़ जाए तो बिना किसी निविदा के हम ठेकेदार अधिकारियों के आदेश पर कार्य करते है। विभाग को इतना के क्वापरेट करने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है।
ठेकेदार बोले,कब तक अपने जेब से रुपए लगाकर सरकारी विभाग का काम कर पाएंगे
ठेकेदारों ने कहा कि अधिकारियों के इस तरह के रवैये से वह कब तक अपने जेब से रुपए लगाकर सरकारी विभाग का काम कर पाएंगे और जनता को सहूलियत पहुंचा पाएंगे। लंबे समय से भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के चलते रीजन भर के ठेकेदारों ने आज इकट्ठे होकर सीएसपीडीसीएल के तिफरा स्थित कार्यालय में धावा बोला। कार्यालय के मुख्य दफ्तर में ताला जड़ दिया और चोंगे में नारेबाजी करने लगे।
तालेबंदी से अधिकारी–कर्मचारी हुए परेशान
ठेकेदारों के मुख्य द्वार में तालेबंदी करने से अधिकारी कर्मचारी परेशान होते रहे। डेढ़ बजे जब लंच के लिए अधिकारी– कर्मचारी दफ्तर से बाहर निकलने के हुए तो उन्हें मुख्य द्वार बाहर से बंद मिला। जिस पर सभी अधिकारी– कर्मचारियों के द्वारा चीफ इंजीनियर से जाकर दरवाजा खुलवाने की गुहार लगाई गई।चीफ इंजीनियर ने तब नीचे उतरकर ठेकेदारों से चर्चा की। चीफ इंजीनियर ने ठेकदारों को बताया कि उनकी भुगतान संबंधी समस्या पर मीटिंग लेने के लिए रीजन के सभी एसई,ईई, एई, जेई को बुलवाया गया है। उसमें ठेकेदारो के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे,आप लोगों के सामने ही आपकी समस्याओं पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। चीफ इंजीनियर के आश्वासन के बाद ठेकेदारों ने ताला खोला।
एसई बोले,भुगतान जल्द होगा,अधिकारियों को किया निर्देशित
सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ने मीटिंग लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर स्तर पर तीन-तीन दिन में बिल भुगतान संबंधी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और 15 दिन में भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद ठेकेदारों ने अपना धरना स्थगित किया।
ठेकेदार अभिनव बोले,15 दिनो में भुगतान नहीं हुआ तो हड़ताल फिर से किया जायेगा
सीएसईबी के ठेकेदार संघ के पदाधिकारी अभिनव तिवारी ने बताया कि अधिकारियों ने हमें 15 दिनों में बिल संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाने और भुगतान करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद फिलहाल हड़ताल स्थगित कर दी गई है। पर जल्द ही भुगतान नहीं होने की स्थिति में ठेकेदार फिर से कार्यालय का घेराव करते हुए धरना देंगे।
बिलासपुर ठेकेदार संघ की प्रमुख मांगे
- 28 स्कीम एवं 32 स्कीम में किए गए कार्यों की जांच के पश्चात बिल निकालना हेतु जो विभाग द्वारा निर्णय लिया गया है और जांच पूर्ण होने के बाद भी ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान समय पर नहीं होने के कारण सभी ठेकेदार आर्थिक एवं मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं जिसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- कहीं भी लाइन बंद हो या खंभे टूट जाए तो ठेकेदार थोड़ी उसे कार्य को कर देते हैं लेकिन कार्य करने के पश्चात न ऐस्टीमेट समय पर बनता है और ना ही उसका टेंडर होता है जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही एस्टीमेट बनेगा और फंड मिलेगा ऐसा कहकर विभाग द्वारा ठेकेदारों को बार-बार परेशान किया जा रहा है यह भी गलत दो वर्षों से चल रहा है जिसकी वजह से बिलासपुर रीजन में फंड बिल्कुल नहीं मिल रहा है जबकि बाकी रीजन में समय-समय पर फंड उपलब्ध कराया जा रहा है।
- बिलासपुर के ठेकेदारों के साथ ही भेदभाव क्यों हो रहा है जबकि बाकी रीजन में सुचारू रूप से कार्य चल रहा है और नियमित रूप से भुगतान भी हो रहा है और एस्टीमेट सैंक्शन करने में कोई परेशानी भी नहीं हो रही है
- सभी ठेकेदार कार्य करने के पश्चात भुगतान के लिए कई बार बिलासपुर मुख्य अभियंता से संपर्क किया लेकिन उसका कोई भी निराकरण नहीं हुआ और मुख्य अभियंता ऑफिस से एस्टीमेट को बार-बार वापस किया जाता है और ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है
- यदि ठेकेदार विभाग का काम समय पर ना करें तो विभाग द्वारा पेनल्टी काट दी जाती है जबकि ठेकेदारों के भुगतान में लगभग 2 वर्ष का विलंब हो चुका है।
ठेकेदारों के अनुसार मार्ग एंडिंग में पैसा आता है। यदि अभी हमें भुगतान नहीं हुआ तो पैसा लेप्स भी हो जाएगा और हम फिर से भुगतान के लिए भटकते रहेंगे।