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22 माओवादियों ने किया आत्म समर्पण, 26 लाख के ईनामी नक्सली थे शामिल

– बीजापुर में 22 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसमें 26 लाख के ईनामी नक्सली भी शामिल हैं। सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के चलते लगातार नक्सली बस्तर संभाग में आत्म समर्पण कर रहे हैं।

बीजापुर। जिले में माओवादी उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिले में विभिन्न माओवादी संगठनों से जुड़े कुल 22 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नम्बर 01 का सदस्य, तेलंगाना स्टेट कमेटी अंतर्गत सीआरसी कंपनी नम्बर 02 का सदस्य, एसीएम रैंक के दो सदस्य, मिलिशिया डिप्टी कमांडर, जनताना सरकार के सदस्य, केएएमएस पदाधिकारी सहित अन्य शामिल हैं। इनमें से चार माओवादी कुल 26 लाख के इनामी हैं।

आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया आठ अप्रैल को पुलिस उप महानिरीक्षक केरिपु बीजापुर देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव और केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। आत्मसमर्पित माओवादियों में प्रमुख रूप से कमली हेमला, मुया माड़वी, सोनू ताती, महेश पुनेम जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी आत्मसमर्पितों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

पुलिस के अनुसार, जिले में चल रहे विकास कार्य, तेज़ी से बनती सड़कें, शिक्षा, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच ने माओवादियों को प्रभावित किया है। साथ ही, संगठन के भीतर बढ़ते मतभेद, उपेक्षा और शोषण के चलते भी उनमें मोहभंग की स्थिति बनी है। नक्सल हिंसा से त्रस्त ग्रामीणों और परिजनों की अपीलों ने भी माओवादियों को मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. यादव ने माओवादियों से अपील की है कि वे सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में लौटें। उन्होंने कहा कि यह नीति माओवादियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सामान्य जीवन जीने का अवसर प्रदान कर रही है।

इस वर्ष जनवरी से अब तक जिले में 179 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 172 गिरफ्तार और 83 मारे गए हैं। सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों और नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह माओवादी संगठनों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और बस्तर क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में यह अहम कदम साबित हो रहा है।

आत्मसमपर्ण करने वाले नक्सली और सदस्यता वर्ष:–

कमली हेमला उर्फ सोमे – सक्रियता वर्ष उपलब्ध नहीं

मुया माड़वी उर्फ राजेश – 2023

सोनू ताती – 2008

महेश पुनेम – 2023

बुधराम ताती उर्फ सुद्दू उर्फ गट्टा – 2007

सन्नू हेमला – 2010

सोमलू मड़कम उर्फ पटेल – 1999

हुंगा कुहराम उर्फ वड्डे उर्फ ओयाम – 2000

देवा माड़वी उर्फ बुड़ता – 2006

हुंगा कट्टम उर्फ बैदी – 2014

पोज्जा बाड़से उर्फ जोगा – 2005

नंदा मड़कम – 2003

हुंगी कुंजाम – 2017

हड़मा पोड़ियम उर्फ उरपा – 2009

विज्जो कुंजाम – 2020

नरसी कट्टम – 2006

मोती सोढ़ी – 2007

विज्जा उईका – 2016

कोसा पोड़ियम उर्फ लमडी कोसा – 2007

विजय मड़कम उर्फ विज्जा – 2013

बोदी कारम उर्फ करवे – 2007

कोसा मड़कम – 2004

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