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33 सेवानिवृत पुलिसकर्मियों की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने वाले बिलासपुर एसएसपी को अवमानना का नोटिस

33 सेवानिवृत पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगा अवकाश नगदीकरण की सुविधा मांगी थी। जिस पर 29 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा फगुआराम के फैसले के आधार पर बिलासपुर एसएसपी को 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण कर अवकाश नगदीकरण के राशि के भुगतान का निर्देश दिए थे। पर एसएसपी द्वारा भुगतान नहीं करने पर हाईकोर्ट ने उन्हें अवमानना नोटिस जारी किया है।

बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 33 सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को अवकाश नगदीकरण भुगतान में विलंब को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह अवमानना नोटिस हाईकोर्ट के द्वारा 29 जनवरी 2025 को याचिकार्ताओं के पक्ष में दिए गए फैसले का पालन नहीं करने पर जारी किया गया है।

न्यायमूर्ति रविन्द्र अग्रवाल की सिंगल बेंच ने आदेश की अवहेलना मानते हुए एसएसपी से नोटिस जारी कर पूछा है कि पूर्व में जारी निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया गया? कोर्ट ने एसएसपी को निर्देशित किया है कि वे नियत समय सीमा में भुगतान नहीं होने के कारण अपना जवाब प्रस्तुत करें।

33 पुलिसकर्मियों ने दाखिल की थी याचिका:–

मामले की शुरुआत तब हुई जब सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों—सहायक उप निरीक्षक बैजनाथ राय, निरीक्षक रघुनंदन शर्मा, एएसआई हनुमान प्रसाद मिश्रा सहित कुल 33 पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में मध्यप्रदेश राज्य के समान 300 दिन की अवकाश नकदीकरण सुविधा की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्र पांडेय व विजय मिश्रा ने पक्ष रखते हुए दलील दी कि मध्यप्रदेश के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को 300 दिन का भुगतान किया जाता है, जबकि छत्तीसगढ़ में इस पर अस्पष्टता बनी हुई है।

पहले ही दे चुका था कोर्ट आदेश:–

हाईकोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बिलासपुर एसएसपी 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण कर अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान करें। कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा फगुआ राम बनाम छत्तीसगढ़ शासन के फैसले के आधार पर पारित किया था।

पालन न होने पर दाखिल हुई अवमानना याचिका:–

न्यायालय द्वारा तय की गई समयसीमा के बावजूद न तो अभ्यावेदन का निराकरण हुआ और न ही भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इससे क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ताओं ने अवमानना याचिका दाखिल की।

प्रथम दृष्टया उल्लंघन:–

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना पाई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया।

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