
नर्सरी बंद करने के फैसले पर भड़का छात्र संगठन, शहर में काले झंडे दिखाने की दी चेतावनी….

बिलासपुर। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में फंड की कमी का हवाला देकर नर्सरी की कक्षाएं बंद करने के फैसले के खिलाफ एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। छात्र संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस कदम को भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी मानसिकता बताते हुए जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व गजेंद्र यादव का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि यह जनविरोधी फैसला वापस नहीं लिया गया, तो मुख्यमंत्री के बिलासपुर आगमन पर उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। बीच सत्र में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ को लेकर एनएसयूआई ने प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
*सरकार शिक्षा के अधिकार को कमजोर कर रही*
संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के अधिकार को कमजोर कर रही है और आम जनता पर बोझ डालने का काम कर रही है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला तत्काल वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
*सीएम के आगमन पर दिखाएंगे काला झंडा*
एनएसयूआई ने साफ किया कि मुख्यमंत्री के बिलासपुर आगमन के दौरान काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। साथ ही प्रशासन को चेताया गया कि बीच सत्र में नर्सरी कक्षाएं बंद करने से अभिभावकों और बच्चों में भारी असमंजस की स्थिति बन गई है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। एनएसयूआई ने मांग की है कि आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं यथावत संचालित की जाएं और शिक्षा बजट में कटौती के बजाय उसे बढ़ाया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।






