
कामयाबी की आकांक्षा के बदौलत आकांक्षा बनी सिविल जज,शहर की बेटी ने कामयाबी का गाड़ा झंडा

बिलासपुर।एक बार फिर बिलासपुर की बेटी ने अपना लोहा मनवाया है। सिविल जज परीक्षा के घोषित परिणाम में शहर की अकांक्षा खेस्स पन्ना ने अपने वर्ग अनुसूचित जनजाति ओपन केटेगरी में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद आकांक्षा को जानने वालों के बीच खुशी की लहर फैल गई है । परिवार के सदस्यों,मित्रों और शुभचिंतकों में अब बधाई का तांता लगा हुआ है। अकांक्षा की सफलता को मेहनत,अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम माना जा रहा है।परीक्षा परिणाम सामने आते ही बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। परिजनों ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि अकांक्षा ने शुरू से ही लक्ष्य के प्रति समर्पित भाव के साथ निरंतर कड़ी मेहनत की ।शिक्षकों और साथियों ने भी उनकी लगन और प्रतिबद्धता की सराहना करते आए हैं। और आज उसने कामयाबी का झंडा गाड़कर खुद को साबित कर दिया।

विवाह के बाद एल.एल.बी. की डिग्री प्राप्त करना ही अपने आप में एक साहसिक कदम था, और उसके बाद की उनकी पूरी यात्रा सचमुच प्रेरणादायक रही है। मातृत्व, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कठिन तैयारी के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था खासकर तब, जब एक बेटा मात्र 3 वर्ष का और दूसरा 8 वर्ष का है। आकांक्षा खेस्स पन्ना की इस उपलब्धि को युवाओं खासकर महिलाए जो वैवाहिक जीवन के साथ भी तैयारी करना चाहती है उनके लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है। उन्होंने सीमित संसाधनों में भी निरंतर अध्ययन,समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। अकांक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुओं और समर्थकों को दिया स्थानीय स्तर पर सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने अकांक्षा को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है उनकी सफलता ने यह संदेश भी दिया की वैवाहिक जीवन के बावजूद आप सपनो को साकार कर सकतें हैं






